फ्लाइंग जाट फिल्म वॉलपेपर

फ्लाइंग जाट सेलिब्रिटीज

Tiger Shroff , Jacqueline Fernandez



सुपरहीरो टाइगर श्रॉफ की यह फिल्म ब्लू ड्रेस में स्वच्छ भारत अभियान का प्रोमो है


ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म का शोर्ट रिव्यू


स्टार कास्ट: टाइगर श्रॉफ, जैकलिन फर्नांडीज, नाथन जोन्स, अमृता सिंह


डायरेक्टर : रेमो डिसूजा


ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म में क्या अच्छा है : ए फ्लाइंग जट्ट एक फनी सुपरहीरो पर आधारित ड्रामा फिल्म है फिल्म में हल्के फनी मोमेंट्स है जो बच्चों के अनुकूल है और फिल्म का यही बिक्री योग्य बिंदु है।


फिल्म में क्या बुरा है : फिल्म में दुसरा भाग काफी घसीटा गया है। फिल्म का दूसरा भाग हॉलीवुड सुपरहीरो की नकल की गयी है। रेमो डिसूजा ने अपनी महत्वाकांक्षा फिल्म को नकल करके नीचा दिखाया है।

फिल्म क्यों देखे : अगर आपको बॉलीवुड से शिकायत रहती है की बच्चों की फिल्मों नही बनती है तो यह फिल्म बच्चों को जरुर पसंद आएँगी तो इसलिए आप बच्चों के साथ यह फिल्म देख सकते है।


फिल्म क्यों ना देखे
: सुपर हीरो से प्रदूषण के बारे में ज्ञान प्राप्त करना निश्चित ही वयस्कों को काफी बोरिंग और अजीब लग सकता है। जो लोग हॉलीवुड में सुपरहीरो वाली फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड की कृष देख चुके है उन वयस्कों को यह फिल्म थोडा निराश कर सकती है।



ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म की पूरी समीक्षा :


ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म की पूरी कहानी : ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म की पूरी कहानी का आधार प्रदूषण हमारे पर्यावरण के लिए बुरा है यह बताने के लिए है। मल्होत्रा (केके मेनन) एक बहुत बड़ा उद्योगपति है जो अपनी कंपनियों की गंदगी को स्थानीय झील में डंप करता है। कहानी वहां से बड़ा मोड़ लेती है जहाँ से मल्होत्रा फिल्म के नायक अमन (टाइगर श्रॉफ) की कॉलोनी करतार सिंह कॉलोनी को नष्ट करने के लिए हुक्म देता है।


फिल्म का नायक अमन अपनी माँ (अमृता सिंह) के साथ घर में रहता है और जीविका के लिए एक स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता है। स्कूल में अमन को कीर्ति (जैकलीन) मिलती है जहाँ पर दोनों एक दूसरे को पसंद कर प्यार करने लगते है।

इंडस्ट्रियलिस्ट मल्होत्रा जब प्रक्रतिक धरोहर वाली जब करतार सिंह कॉलोनी को नष्ट करने की कोशिश करता है तो उसके विरोध में अमन की माँ और उसका भाई रोहित (गौरव पांडे) खड़े हो जाते है।


भूमि को बचाने का प्रयास कर रहे अमन और उसके परिवार को मारने के लिए मल्होत्रा राका (नाथन जोन्स) को नियुक्त करता है। राका जब खतरनाक खलनायक के रूप में आता है तो अमन को भी अपनी शक्तियों के बारें में पता लगने लग जाता है और देखते ही देखते वह सब लोगो के बीच फ्लाइंग जट्ट के नाम से मशहूर होने लगता है।


मसीहा बना फ्लाइंग जट्ट मल्होत्रा के कारोबार को नुकसान पहुँचाने लगता है और अपनी नई प्राप्त शक्तियों के साथ राका से भयंकर लड़ाई करते हुए उसका भी नाश कर अपनी धरती को बचा लेता है।


स्क्रिप्ट रिव्यू : बॉलीवुड के सुपरहीरो बहुत ही स्वस्थ और मिशन पर निरंतर काम करते हुए दिखाए गये है लेकिन डायरेक्टर रेमो डिसूजा इस पुराने तरीके को बदलते हुए एक नए सुपरहीरो को पेश किया है। रेमो डिसूजा का यह सुपर हीरो हास्य के साथ-साथ बाजार में सब्जी भी खरीदता है। इस स्क्रिप्ट में सुपर हीरो बनने से पहले नायक जहाँ ऊंचाई से भय खाता है वही शक्तियां आने के बाद लाल सिग्नल पर रुकना भी नही भूलता है।

रेमो का फिल्म में अधिकतर ध्यान प्रदूषण को दिखाने के लिए चला जाता है। इसके अतिरिक्त ए फ्लाइंग जट्ट फिल्म की स्क्रिप्ट "कोई मिल गया" से मिलती है। कोई मिल गया फिल्म में जादू को जैसे धूप से शक्तियां मिलती है वैसे ही इस फिल्म की स्क्रिप्ट में फ्लाइंग जट्ट को फ्रेश हवा से ताकत मिलती है और उसके विरोधी राका प्रदूषित हवा में साँस लेता है इसलिए वह ताज़ी हवा का विरोध करता है।


असल में मजाकिया दृश्यों के अतिरिक्त उपदेशात्मक विचारों पर जंभाई आती है और इसी वजह से फिल्म की स्क्रिप्ट भी कमजोर लगती है। स्क्रिप्ट का पहला भाग तो काफी मनोरंजक है लेकिन दूसरा भाग सिर्फ उपदेश देने में बीत जाता है। फिल्म का सेकंड हाफ स्क्रिप्ट का कमजोर हिस्सा है।


स्टार प्रदर्शन : फिल्म के नायक टाइगर श्रॉफ की यह तीसरी फिल्म है और इस फिल्म में टाइगर ने सुपरहीरो बनने के पूर्ण आनंद लिया है। डांस, एक्शन, फाइट, रोमांस के बाद अब कॉमेडी में भी उन्होंने अपने हाथ को अजमाया है। डायलॉग डिलिवरी कही कही कमजोर हुई है पर आनंद लेने आए दर्शको को इसका आभास नही होता है। अन्य फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी टाइगर का एक्शन डांस काफी शानदार है।

अमृता सिंह एक बार फिर से 2 स्टेट्स के बाद दबंग पंजाबी माँ की भूमिका में दिखी है। कुछ एक दृश्यों को निकाल दे तो ऐसा लगता है उन्होंने नशे में कार्य किया है। फिल्म में उनका रोल एक स्थान पर जाकर बोर हो जाता है उनका अभिनय भी औसत रहा है।


फिल्म की हॉट बोल्ड क्यूट अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडीज के अभिनय की बात करें तो उनके पास सीमित भूमिका थी इसलिए उनके पास करने के लिए कुछ खास नही था। फिल्म में बीट पे बूटी गीत में उनके सेक्सी डांस मूव युवाओं को अधिक आकर्षित करता है। फिल्म में क्यूट इमेज उनके पक्ष में गयी है और उनके फैन्स में इजाफा हो सकता है।


के के मेनन ने अपने किरदार के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है लेकिन लगता है एबीसीडी के रोल से अभी तक बाहर नही आ सके है उनके किरदार पर थोडा अधिक ध्यान दिया जाता तो वह एक बेहतरीन खलनायक के रूप में सामने नजर आते। गौरव पांडे जो भी हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां में वरुण धवन के दोस्त के रूप में नजर आयें थे इस फिल्म में टाइगर के भाई के रूप में है। उनकी कॉमिक टाइमिंग बहुत अच्छी है और उन्होंने अपने दिए रोल को बहुत ही सरहनीय तरीके से निभाया है।


राका के रूप में नाथन जोन्स कभी बड़े और डरावना रूप लिए हुए है। उनकी 'आश्चर्य आश्चर्य' वाली लाइन डरवानी कम और फनी ज्यादा लगी है। कोई संवादों के साथजबड़े खोलने उसकी आंखों को चौड़ा करने की कला उनको बेहतरीन खलनायक बनाती है। बॉलीवुड रिलीज सुपरहीरो फिल्मों की बात करें तो हॉलीवुड कलाकार नाथन अब तक के बेहतर विलेन बन कर उभरे है।

श्रद्धा कपूर इस फिल्म में कैमियो किया है लेकिन उनके दृश्य वास्तव में प्रभावशाली नहीं है। फ्लाइंग जट्ट ने तो शक्ति कपूर की बेटी को चुना वाला उनका डायलॉग अधिक फनी है।


डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : जब इस फिल्म की घोषणा की थी तब डायरेक्टर रेमो ने इस अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना बताया था लेकिन कोरियोग्राफर की इस फिल्म को देखने के बाद यह इतनी बड़ी परियोजना नही लगती है। डायरेक्टर रेमो ने फिल्म में सिखों के इतिहास के कुछ भागों को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया ग्राफिक्स काफी अच्छा है इसके आलावा टाइगर और नाथन जोंस के बीच एक्शन दृश्यों पर की गयी उनकी मेहनत साफ़ झलकती है।


फिल्म के फनी दृश्यों की बात करें तो टाइगर का सनी लियोन गीत 'बेबी डॉल' का डांस काफी फनी है , फिल्म के पहले भाग की बात करें तो वह दर्शकों के मनोरंजन के लिए रखा गया है लेकिन दूसरा भाग सिर्फ निराश करता है। लोगों को प्रदूषण और कैंसर का कारण बताता फिल्म का सेकंड हाफ स्वच्छ भारत अभियान विज्ञापन की तरह प्रतीत होता है।

डायरेक्टर क्लाइमेक्स देने में चुक गये है इसलिए फिल्म लंबी और बोरिंग होती जाती है। फिल्म की स्क्रिप्ट भी कुछ खास नही थी हालाकि फिल्म का विषय काफी अच्छा था पर उचित कथाकार ना होने की वजह से फिल्म अपने सही मुकाम तक नही पहुँच सकी है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी की बात करें तो वह काफी हद तक सीटीमार रही है।


इस फिल्म के साथ एक और समस्या संगीत एल्बम है। फिल्म में बीट पे बूटी गीत और भंगड़ा पा ही ठीक है इसके आलावा बाकी के गीत ऐसे लगते है जैसे उनका कहानी से कोई संबंध नहीं है। फिल्म का म्यूजिक अधिक समय तक नही रहने वाला है।


रेमो की यह फिल्म बच्चों के लिए एक मजेदार सबक और सेवा का रूप ले सकती है लेकिन बच्चों के बिना वयस्कों के लिए इस फिल्म की सिफारिश शायद ही कोई करें।




फ्लाइंग जाट फिल्म वीडियो

        

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