बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म वॉलपेपर

बद्रीनाथ की दुल्हनिया सेलिब्रिटीज

Alia Bhatt , Varun Dhawan


बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म रिव्यू : आलिया-वरुण की केमिस्ट्री हिट स्क्रिप्ट घिसी पिटी



बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म का शोर्ट रिव्यू

स्टार कास्ट : आलिया भट्ट, वरुण धवन, मोहित मारवाह, गिरीश कार्नाड, साहिल वैद

डायरेक्टर : शशांक खेतान

फिल्म में क्या अच्छा है : बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म में अलिया और वरुण की केमिस्ट्री काफी अच्छी है। फिल्म की स्क्रिप्ट में कुछ नया तो नही है लेकिन फिल्म आपको महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए पूरा मनोरंजन करती है इसके अतरिक्त फिल्म का अंदाज देसी रखा गया है जो बड़े शहरों के साथ साथ छोटे गाँव के लोगो को भी पूर्ण एंटरटेनमेंट करती है।



फिल्म में क्या बुरा है : होली के इस मौके पर अगर आप कुछ नएपन वाली फिल्म की तलाश में है तो निश्चित ही फिल्म आपके लिए नही फिल्म की स्क्रिप्ट घिसी पिटी है इसके अतरिक्त अगर आप सरल जोक्स पर हँसते नही है तो यह फिल्म आपके लिए बिलकुल नही है।

बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म क्यों देखे : अलिया और वरुण की रोमांटिक केमिस्ट्री देखने लिए आप यह फिल्म जरुर देखे इसके अतरिक्त फिल्म की हल्की फुलकी कॉमेडी और बेहतरीन गीतों की वजह से भी फिल्म को वन टाइम तो देखा ही जा सकता है।



बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म क्यों ना देखे : घिसी पिटी स्क्रिप्ट, फ़िल्म की धीमी रफ्तार और सुने हुए अधिकतर जोक्स आपको फिल्म पर पैसे बर्बाद करने से रोकती है।

बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म की पूरी समीक्षा

बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म की पूरी कहानी : 2 घंटे 19 मिनट वाली इस फिल्म की कहानी शशांक खेतान ने लिखी है। बद्रीनाथ बंसल (वरुण धवन) खुद को झांसी का सबसे योग्य बैचलर मानता है। बद्री के पिता कुलपति है और वह अपनी वित्तीय स्थिति के लिए हमेशा अपने पापा को धन्यवाद देता है।



कोटा की एक शादी में बद्री अपनी होने वाली दुल्हनिया वैदेही त्रिवेदी (आलिया भट्ट) से टकरा जाता है वैदेही अपने डरावने एट्टीट्यूड से जूझ रही है। वह एक पटाखे की तरह दिखने वाली महत्वाकांक्षी युवा लड़की है। बद्री उसे शादी का प्रपोजल देता है लेकिन वैदेही शादी करने से पहले उसे दोस्ती रखना चाहती है और उसकी मदद से बड़ी बहन की शादी कराने की कोशिश करती है। बड़ी बहन की शादी होने तक बद्री उसे प्रभावित करने की कोशिश करता रहता है।



पूर्व-अंतराल में कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है बद्री और वैदेही के बीच विरोधाभासी व्यक्तित्वों का जन्म होता है। अब आपको सिनेमाघर तक इसलिए जाना है ताकि आप जान सके कि क्या फिर से बद्री और वैदेही को एक दूसरे से प्यार करते है और बद्रीनाथ की दुल्हनिया बनने पर वह क्या फैसला लेती है।



स्क्रिप्ट रिव्यू : 10 मार्च शुक्रवार के दिन रोमांटिक कॉमेडी इस फिल्म को पूरी तरह से युवाओं पर आधारित रखा हुआ है। किशोरों की इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म की स्क्रिप्ट को डायरेक्टर शशांक खेतान ने मजबूत संदेश के साथ दर्शकों के सामने पेश किया है। शशांक की इस स्क्रिप्ट को मजबूत संदेश देने के चक्कर में रोम-कॉम वाला दृष्टिकोण हल्का होता है इस बात से इंकार नही किया जा सकता है।



बद्रीनाथ भारत में लिंग भूमिकाओं के अर्थ का व्याख्या करते हुए बहुत सही मायने रखे है। एक लड़के को संपत्ति और वही लड़की को ज्यादातर दायित्व को पूर्ति करने की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते है।

महिला का दृष्टिकोण वैदेही और बद्री के जीवन को बदलने और बेहतर व्यक्ति बनाने में कैसे प्रभाव डालते है यह स्क्रिप्ट की अच्छी बात है। वैसे आप बॉलीवुड में महिला सशक्तिकरण वाली चक दे इंडिया और पिंक जैसी फ़िल्में पहले भी देख चुके है लेकिन एक आदमी अपनी क्षमता का एहसास करने और युवती के पीछे बद्रीनाथ के खड़े होने और उनको कैसे बचाया जाना चाहिए यह इस स्क्रिप्ट को अन्य से बहुत अलग करती है।



बद्री और उनके मित्र सोमदेव (साहिल वैद) के बीच की बातचीत हास्य लिहाज से स्क्रिप्ट की मजेदार बात है। मूवी के कुछ अन्य दृश्यों की बात करें तो वैदई को सिंगापुर में छेड़छाड़ से बचाता बद्री दर्शकों को कुछ खास प्रभावित नही करता है। फिल्म का यह दृश्य अजीब लगता है क्योकि, सिंगापुर पुलिस का बर्ताव बड़ा अजीब लगता है इस ड्रिंक वाले सीन को और बेहतर किया जा सकता है।



इस स्क्रिप्ट में आपको नमस्ते लंदन के अनुभव भी मिलता है खासकर तब जब वैदीही स्मार्ट होती है और बद्री की बुद्धि को जिस तरीके से निपटती है। खेतान ने इस स्क्रिप्ट में प्यार का बेहतरीन संघर्ष दिखाया है। स्क्रिप्ट का पहला भाग अजीब वार्तालाप के साथ लदा हुआ है और दूसरा भाग भावनात्मक और सामाज पर प्रभाव छोड़ने का काम करता है। स्क्रिप्ट का ड्रामा कई स्थानों पर अपने चरम पर आ जाता है जो दर्शको का पूर्ण मनोरंजन करने में कामयाब होता है।



स्टार परफॉरमेंस रिव्यू :
बद्री के रूप में वरुण धवन ने अच्छा काम किया है। वरुण की एक्टिंग की सबसे अच्छी बात यह रही है उनकी क्यूटनेस और कॉमिक टाइमिंग और टफ होने का संतुलन बना रहा है। भावुक सीन में वरुण थोडा कमजोर नजर आएं है इसके अतरिक्त झाँसी बोलते हुए कई जगह पर वह कमजोर हुए है।



आलिया भट्ट अपने सुंदरता से दर्शको के दिलों में एक लाइट जला देती है। वैदेही के रूप में वह सभी फ़्रेमों में अच्छी लगी है और उनकी एक्टिंग भी बेहतरीन रही है। अलिया और वरुण की केमिस्ट्री ही इस फिल्म की ताकत है।



साहिल वैद सोमदेव के रूप में बेहतरीन काम किया है उन्होंने अपनी एक्टिंग से कॉमेडी को दूसरे स्तर पर ले जाते है। यश सिन्हा और श्वेता बसु प्रसाद बद्री के भाई और भाभी की भूमिका में ठीक रहे है।



डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : करन जौहर के प्रोडक्शन हाउस में अलिया और वरुण की जोड़ी तीसरी बार बनी है इससे पहले इन दोनों को जोड़ी स्टूडेंट ऑफ़ द इयर और हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' में बन चुकी है। हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' सीरिज की दूसरी फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया झांसी, कोटा और सिंगापुर तक फैली हुई है।

शशांक खेतान ने छोटा से शहर की बातें के अतरिक्त दहेज और पितृसत्ता पर दर्शकों का ध्यान केंद्रित किया है जो आज के समाज पर काफी प्रभावशाली है, डायरेक्टर ने अच्छा संदेश देने के बावजूद फिल्म के मूल उद्देश्य मनोरंजन का पूरा ख्याल रखा है। शशांक के डायरेक्शन की कबीलेतारीफ़ बात यह रही है कि उन्होंने ड्रोन कैमरे की मदद से गाँव शहर के लोकेशन की मदद से कुछ दृश्यों को बहुत ही बेहतरीन बना दिया है।



बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म के डायलॉग की बात करें तो उसकी भाषा की वजह से अलग और बेहतरीन लगते है। उदाहरण के तौर पर आज तुम्हारी मानसिक स्थिति ठीक नही लग रही है हम कल फिर आएंगे इसके आलावा यह भी बेहतरीन सवांद है जिसमे वरुण कहते है कि अरे पगला गए हो क्या .. अरे प्रेम  का समय कब का खत्म हो गया .. हम तो सीधी शादी रचाएंगे। एक अन्य हम हमेशा सोचते है जिससे शादी करेंगे न हम उसकी जिंदगी बन जाएंगी, तुमको देखने के बाद ऐसा लगता है की जिससे तुम्हारी शादी होंगी न उसकी जिंदगी बन जाएगी।

फिल्म के संगीत की बात करें तो उसे डायरेक्टर अमाल मल्लिक, जॉन स्टीवर्ट, तनिष्क बागची ने मिलकर तैयार किया है। इस फिल्म के गीत रोमांस, इमोशन और मस्ती से भरे हुए है। आशिक सरेंडर हुआ और तम्मा तम्मा अगेन गीत पहले से ही हिट हो चुके है। फिल्म का टाइटल गीत बद्री की दुल्हनियां भी सुनने लायक है। अरिजीत की आवाज में रोके न रुके नैना गीत फिल्म की स्टोरी के दौरान अच्छा लगता है।




रोम-कॉम और संदेश से भरी इस बद्रीनाथ की दुल्हनिया को नौजवान पसंद कर सकते है। निश्चित ही इस फिल्म के साथ आलिया-वरुण की जोड़ी आज के जमाने की राज-सिमरन वाली जोड़ी लगती है।

बद्रीनाथ की दुल्हनिया फिल्म वीडियो

        

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