बजरंगी भाईजान फिल्म वॉलपेपर

बजरंगी भाईजान सेलिब्रिटीज

Salman Khan , Kareena Kapoor , Nawazuddin Siddiqui


बजरंगी भाईजान एंटरटेनमेंट का कम्प्लीट पैकेज


डायरेक्टर कबीर खान ने भारत और पाकिस्तान के विषय को लेकर 2012 में सलमान खान के साथ 'एक था टाइगर' बनाई थी और ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी। अब लगभग तीन साल बाद कबीर खान एक बार फिर से ईद के मौके पर सलमान खान और भारत-पाकिस्तान विषय पर आधारित फिल्म बजरंगी भाईजान लेकर आएं है।





बजरंगी भाईजान फिल्म में सलमान खान हाथ जोड़ नमस्ते की मुद्रा में जब जय श्री राम कहते है तो वह बीइंग ह्यूमन से बीइंग हनुमान वाली अकल्पनीय भूमिका में नजर आते है क्योकि सलमान इन तीन शब्दों को फिल्म में पूरी ईमानदारी के साथ कहते नजर आते है। बजरंगी भाईजान की खास बात ये भी है कि इस फिल्म से सलमान खान प्रोड्यूसर बन अपनी पहली फिल्म रिलीज कर रहे है इसलिए ये ईद सलमान के लिए बॉक्स ऑफिस पर और भी खास बन गयी है।


बजरंगी भाईजान फिल्म की पूरी कहानी : बजरंगी भाईजान फिल्म की कहानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक छोटे गांव सुल्तानपुर से शुरू होती है जहाँ एक घर में बैठे कुछ परिवार के लोग क्रिकेट मैच का आनंद ले रहे होते है। परिवार के बीच बैठी एक प्रेग्नेंट औरत मैच से इतना प्रभावित हो जाती है कि वह उसी वक़्त तय करती है कि वह अपने होने वाले लड़के का नाम शाहिद रखेंगी लेकिन उसकी किस्मत में बदलाव आता है और उसके घर एक गूंगी लड़की पैदा होती है जिसका नाम वह शाहिदा (हर्षाली मल्होत्रा) रखते है।





शाहिदा जब छह साल की होती है तो उसके अब्बू और अम्मी को लोगो से जानकारी मिलती है कि दिल्ली के निज़ामिद्दीन दरगाह पर चादर चढ़ाने से शाहिदा की खोई हुई आवाज वापिस आ सकती है। लोगो की बात पर भरोसा कर और चमत्कार की उम्मीद रख शाहिदा के पिता उसे दिल्ली ले जाने का प्रयास करते है लेकिन पाकिस्तानी आर्मी में होने की वजह से उन्हें दिल्ली आने की इज्जात नही मिलती है जिस कारण शाहिदा की अम्मी शाहिदा के साथ समझौता एक्सप्रेस पकड़ अकेले ही निजामुदीन औलिया की दरगाह सजदा करने आ जाती है। दरगाह पर सजदा करने के बाद शाहिदा को लेकर उसकी अम्मी जब ट्रेन से वापिस अपने मुल्क पाकिस्तान जा रही होती है तभी रात के अँधेरे में कुछ पलों के लिए ट्रेन रास्ते में रूकती है जहाँ शाहिदा एक बकरी के बच्चे की जान बचाने के लिए ट्रेन से उतर जाती है। शाहिदा बकरी के बच्चे की जान बचाने में तो कामयाब हो जाती है पर गूंगी होने की वजह से उसकी ट्रेन छूट जाती है। शाहिदा की अम्मी को शाहिदा के लापता होने का पता पाकिस्तान पहुचने के बाद चलता है और वह तुरंत हिन्दुस्तान वापिस आना चाहती है पर शाहिदा की माँ के लिए बॉर्डर पार करना असम्भव हो जाता है।





अपनी अम्मी से जुदा हुई शाहिदा ट्रेन पकड़ कर कुरुक्षेत्र पहुंच जाती है जहाँ पर बजरंगी जयंती पर पूजा का विशाल जुलूस का आयोजित कार्यक्रम चल रहा होता है। हनुमान जयंती की इस पूजा में स्लेफी ले ले रे गीत गाते हुए हनुमान के बड़े भक्त बजरंगी उर्फ़ पवन कुमार चतुर्वेदी (सलमान खान) की एंट्री होती है जिसके पीछे-पीछे चल पड़ती है जिसे दोनों की मुलाकात हो जाती है। शाहिदा और पवन की इस मुलाक़ात के बाद शाहिदा (हर्षाली मल्होत्रा) फिल्म में मुन्नी बन जाती है।





पवन चतुर्वेदी सच्चा और बड़ा हनुमान भक्त होने के साथ-साथ सीधा सदा साफ़ दिल और चमत्कार में भरोसा करने वाला आदमी है। पवन मुन्नी को लेकर बस से अपने घर दिल्ली के लिए निकल पड़ता है। सफर लंबा होने की वजह से पवन मुन्नी को अपनी बीती जिन्दगी की कहानी सुनाता है कि वह पढाई में बहुत कमजोर था जिस कारण वह दसवी में दस बार फेल हो गया लेकिन ग्यारवी बार जब वह पास हुआ तो उसकी ये खुशखबरी उसके पिता बर्दाश्त नही कर सके और उनका देहांत हो गया। पवन जैसे ही बीती जिन्दगी की कहानी समाप्त करता है वैसे ही सफर भी समाप्त हो जाता है। बजरंगी को दिल्ली आकर अहसास होता है कि मुन्नी बोल नही सकती है इसलिए अच्छे नागरिक का फर्ज निभाते हुए वह मुन्नी को लेकर पुलिस स्टेशन भी जाता है पर पुलिस वाले लड़की की जिम्मेदारी बजरंगी पर डाल देते है।





परेशान पवन मुन्नी को लेकर पिता के बेस्ट फ्रेंड उर्फ़ अपने होने वाले ससुर त्रिपाठी जी (शरत सक्सेना) के घर ले आता है। त्रिपाठी जी के परिवार से वह मुन्नी को हिन्दू कहकर मिलाता है। त्रिपाठी जी के परिवार में उनकी बेटी रसिका (करीना कपूर खान) उनके साथ रहती है जो गोरी चमड़ी वाली ब्राह्मण और पेशे से एक अध्यापिका है। रसिका पवन की गर्लफ्रेंड है और वह एक दूसरे से बहुत प्यार करते है।





दिल्ली पहुचने के बाद से ही पवन मुन्नी के बारे में जानकारियां जुटाने का प्रयास करता है और इसी प्रयास में उन्हें पता चलता है कि मुन्नी मुसलमान और पाकिस्तानी है ये बात रसिका के पिता को पसंद नही आती है त्रिपाठी जी पवन को मुन्नी के साथ घर से निकाल देते है जिसके बाद पवन मुन्नी को हर हालत में पाकिस्तान पहुचने का अटल फैसला करता है।





पवन मुन्नी को लेकर पाकिस्तानी वीजा का प्रयास करता है पर उसे वीजा नही मिलता जिसके बाद बजरंगी गैरकानूनी तरीके के पाकिस्तान पहुंच जाता है। मुन्नी को उसके परिवार से मिलाने के मकसद में पवन की मदद पत्रकार चांद नवाज (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) करता है। चांद नवाज पाकिस्तान में लोकल चैनल का एक सुलझा हुआ पत्रकार है।






चांद नवाज पवन को बच्ची के साथ पाकिस्तान में छुपने की हर मदद देता है और पवन उसकी मदद से ही पाकिस्तान में शाहिदा को उसके घर तक उसके परिवार के पास पंहुचा पाता है। अनाड़ी चरित्र के साथ गूंगी को सीमा पर बदनाम मुल्क पाकिस्तान भेजने वाली बजरंगी भाईजान कहानी का अंत लड़की को उसके घर पहुचने के बाद सलमान के धर्म प्यार और इंसानियत के एक इमोशनल सन्देश के साथ होता है।



 

डायरेक्शन रिव्यू : कबीर खान की गिनती अच्छे डायरेक्टरों में क्यों होती है इसका पता आपको तब चलता है जब जज्बातों से भरी उनकी फिल्म बजरंगी भाईजान देखते है। कबीर खान की इस इमोशनल कहानी पर पूरी पकड रही है। हालाकि इस फिल्म के शुरू का कुछ भाग दर्शको को बोरियत का एहसास कराती है पर एक बार फिल्म जब रफ्तार पकडती है तो दर्शक टकटकी लगाकर फिल्म के हर सीन को देखते है। कबीर खान गूंगी लड़की और अन्य कलाकारों के जरिये दर्शको के मन में इमोशनल पैदा करने में पूरे कामयाब रहे है। डायरेक्टर कबीर खान ने बजरंगी भाईजान को खूबसूरत बनाने के लिए कश्मीर के बेहतरीन खूबसूरत वादियों को शूट किया है जो कहानी में चार चाँद लगा देते है। फिल्म के निर्देशक हर छोटी बात का खास ध्यान रखा है जैसे की वह ये बात अच्छी तरह जानते थे उनकी फिल्म ईद के मौके पर ही रिलीज होगी इसलिए फिल्म में ईद से जुड़े कुछ सीन भी डाले गये है।





एक्टिंग :बजरंगी भाईजान में एक्टिंग की बात करे तो फिल्म में काबिले तारीफ एक्टिंग का सारा श्रेय छोटी सी गुडिया हर्षाली ले गयी है। हर्षाली ने इतनी कम उम्र में एक गूंगी लड़की का चुनौतीपूर्ण किरदार बखूबी निभाया है जिसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। अपने चेहरे के भाव से मासूमियत पैदा करने वाले हर्षाली ने अपनी एक्टिंग और मुस्कुराहट से सभी के दिलों को जीत लिया है। हर्षाली और सलमान की कैमिस्ट्री से फिल्म के कुछ सीन इतने इमोशनल हो जाते की उन्हें देख दर्शक भी खुद को भावुक होने से नही रोक पाते है।





दबंग,बॉडीगार्ड,किक में शातिर और टफ दिखने वाले 50 वर्षीय अभिनेता सलमान खान इस फिल्म में बहुत साधारण,भावुक,थोडा अनाडी आदमी और हनुमान भक्त का रोल बखूबी निभाया है। सलमान ऐसे आम दिखने वाले आदमी के रोल में काफी फिल्मों के बाद नजर आए है।









सलमान और हर्षाली के बाद बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी फिल्म को काफी उच्चे मोड़ पर ले गये है। किक के बाद सलमान और नवाजुद्दीन की जोड़ी फिल्मों में कामयाबी की इबारत लिखने जा रही है। बजरंगी भाईजान में हरपल मुस्कारने वाले नवाजुद्दीन के हर डायलॉग पर उनके चेहरे के भाव कमाल का देते है। करीना कपूर खान के लिए इस फिल्म में कुछ खास नही था पर वह जितनी देर भी फिल्म में थी बेहद खूबसूरत लगी है।









संगीत
: बजरंगी भाईजान के गीत फिल्म रिलीज से पहले ही धमाल मचा चुके है। इस फिल्म का आज की पार्टी मेरी तरफ से ईद के मौके पर हर डीजे पर बजता सुनाई दे रहा है। इस गीत के अलावा सेल्फी और तू चाहिए भी काफी सुना जा रहा है। फिल्म के कव्वाली झोली भर दे रखी गयी है जो इस ईद के मौके पर फिल्म की तरफ से दर्शको को ईदी है।





क्यों देखे : सलमान खान बॉलीवुड के सबसे जबरजस्त एंटरटेनर है। आपको सलमान की इस फिल्म में दमदार डायलॉग्स,एक्शन,गीत संगीत के साथ हर्षाली मल्होत्रा की एक प्यारी मुस्कान ईदी के रूप में मिल रही है।





क्यों ना देखें : अगर आपको सलमान खान बिलकुल पसंद नही है या फिर आप सलमान को इमोशनल अवतार में नही देख सकते।










बजरंगी भाईजान फिल्म वीडियो

        

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