बरेली की बर्फी फिल्म वॉलपेपर

बरेली की बर्फी सेलिब्रिटीज

Kriti Sanon , Ayushmann Khurrana , Rajkummar Rao


राजकुमार राव और कृति की इस बर्फी को एक बार जरुर ट्रय करें

बरेली की बर्फी फिल्म का शोर्ट रिव्यू


स्टार कास्ट : आयुषमन खुराना, कीर्ति सानान, राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, सीमा पहवा


डायरेक्टर : अश्वनी अय्यर तिवारी


बरेली की बर्फी फिल्म में क्या अच्छा है : इस फिल्म की सबसे अच्छी बात इसकी सिंपली सिटी और राजकुमार राव के बेहतरीन एक्टिंग है।


बरेली की बर्फी फिल्म में क्या बुरा है : फिल्म में कुछ स्थान पर इतनी खराब एड्टिंग हुई है इसलिए यह फिल्म मुरझाई हुई नजर आती है। इसके अतिरिक्त फिल्म के पहले भाग में ऐसे लगता है कि कुछ गाने बेकार में ही डाले गए है।


बरेली की बर्फी फिल्म क्यों देखे : अगर गर आप इस वीकेंड मूवीज में एक स्वच्छ और मनोरंजक फिल्म की तलाश कर रहे हैं तो यह फिल्म आप देख सकते है।


बरेली की बर्फी फिल्म क्यों ना देखे : यदि आप सिर्फ बड़े बजट और खान की फ़िल्में ही पसंद करते है तो आप यह फिल्म ना देखें।
बरेली की बर्फी फिल्म की पूरी समीक्षा


बरेली की बर्फी फिल्म की पूरी कहानी : यह फिल्म अनुभवी जावेद अख्तर की एक आवाज की शुरुआत के साथ शुरू होती है और हमें फिल्म की पूरी प्रक्रिया तक लेकर जाती है। यह फिल्म बरेली की रहने वाली चुलबली लड़की बिट्टी मिश्रा (कृति सेनन) के जीवन के बारें में है। बिट्टी बेशक उत्तर प्रदेश की एक लड़की है लेकिन उसके माता-पिता (सीमा पहवा और पंकज त्रिपाठी) ने उसे एक पुत्र के रूप बड़ा किया है और इसलिए उसके माता पिता उसके सिगरेट और पेग पीने पर कोई आश्चर्य नहीं करते है।


बिट्टी मिश्रा अपने विवाह के लिए कई लडकों से मिलती है लेकिन हर किसी के द्वारा खारिज हो रही है और इसलिए उसके माता पिता उसकी शादी को लेकर काफी चिंता में रहने लगते है। बार-बार शादी के लिए रिजेक्ट होने के बाद बिट्टी भर से भागने का प्रयास करती है और वह उसमें सफल भी हो जाती अगर उसको स्टेशन पर बरेली की बर्फी नाम की किताब नही मिलती।


बिट्टी बरेली की बर्फी किताब पढ़ती है और वापिस घर आ जाती है और उसके बाद वह किताब के लेखक चिराग दुबे (आयुष्मान खुराना) से मिलने के प्रयत्न में जुट जाती है।


इसके बाद कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आता है और वह यह है कि बुक का लेखक अपने किरदारों के नाम बदल कर बुक में लिखता है।


चिराग पहली बार जब बिट्टी से मिलता है तो अपनी टूटी लव स्टोरी को भूल कर उससे प्यार कर बैठता है और उसे इम्प्रेस करने के लिए अपने दोस्त प्रीतम विरोधी (राजकुमार राव) की मदद लेता है और इसी खेल में वह नई कहानी का निर्माण करता है और तो और वह अपनी किताब पर बरेली की बर्फी में उसकी तस्वीर में छाप देता है।


बिट्टी बुक राइटर से प्यार करती है इस बात का पता जैसे ही चिराग को चलता है वह प्रीतम को लेखक के रूप में उसके सामने पेश कर देता है और उसको हर वह चीज करने की सलाह देता है जिससे बिट्टी को नफरत है। पुस्तक के लेखक कौन है जब बिट्टी को पता चलता है तो क्या होता है और चिराग को यह फेक कहानी अंत में क्या रंग पैदा करती है इसको देखने के लिए आपको सिनेमा घर तक जाना पड़ेगा।


बरेली की बर्फी की स्क्रिप्ट रिव्यू बरेली की बर्फी एक फ्रांसीसी उपन्यास 'एग्रीमेंट ऑफ लव' से प्रेरित है और फिल्म के लेखक ने बहुत ही कुशलतापूर्वक फ्रांस की कहानी का आधार उत्तर प्रदेश में बदल दिया है। फिल्म के डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी ने यह सुनिश्चित किया है कि फिल्म को अपनी पहचान किताबों की पूर्ण छाया के बिना ही मिलती है और उनकी इसी दिशा ने इसे एक अच्छी फिल्म का रूप दिया है।


स्क्रिप्ट की लंबाई कई स्थानों पर एक खलनायक के रूप में कार्य करती है। स्क्रिप्ट के पहले भाग में कई जगहों पर साफ़ लगता है कि इसे घसीटा जा रहा है और फिल्म के दूसरे भाग में स्क्रिप्ट के छ अनावश्यक दृश्यों को छोड़कर फिल्म की स्क्रिप्ट ने अद्भुत काम किया है।


बरेली की बर्फी फिल्म में एक्टिंग रिव्यू : मूलत,यह फिल्म कृति सेनन से जुड़ी है और वह इस इंडस्ट्री की ऐसी स्टार है जो बड़ी तेजी से आगे की तरफ बढ़ रही है। भले ही उनकी आखिरी फ़िल्म राबता दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नही उतरी हो लेकिन उसका जरा भी असर उनकी इस फिल्म पर नही दिखाई देता है। फिल्म में उनका प्रदर्शन बेहतरीन है। इस फिल्म में देशी लुक में वेस्टर्न रंग डालते हुए कृति ने सबका दिल जीत लिया है।


फिल्म के नायक आयुषमन खुराना की बात करें तो वह हमेशा की तरह ही रोमांटिक नायक लगे है लेकिन इस बार उनके किरदार में इमोशनल और गहराई थोड़ी अधिक थी इसलिए दर्शकों को थोडा अलग लग सकते है।


आयुष्मन और कृति के अतिरिक्त इस फिल्म में अहम किरदार में राजकुमार राव है लेकिन वह इस फिल्म के मालिक लगते है। बरेली की बर्फी फिल्म इस बात की पुष्टि करती है कि बॉलीवुड में राजकुमार राव सबसे ज्यादा सहज अभिनेताओं में से एक हैं। दोनों ही कलाकारों के साथ राजकुमार की केमिस्ट्री काफी लाजवाब नजर आती है। राजकुमार राव निश्चित रूप एक सुपर स्टार है क्योकि किरदार के साथ ही उनकी आवाज और लुक दोनों ही बदल जाता है। इस फिल्म में उनकी आवाज़ और भाषा पर पकड़ भी प्रशंसा के योग्य हैं।


सीमा पहवा और पंकज त्रिपाठी ने अपने रोल को अच्छे और बड़े ही प्यार से निभाया है। दोनों ने मिलकर स्क्रीन के रिक्त स्थान को संभाला है जो प्रशंसा के योग्य है।


बरेली की बर्फी का डायरेक्शन रिव्यू : बरेली की बर्फी का डायरेक्शन निल बटे सन्नाटा जैसी लाजवाब फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर अश्वनी अय्यर तिवारी ने किया है। उनको अपनी पहली ही फिल्म के लिए कई पुरस्कार तो मिले ही साथ में उन्होंने दिग्गज अभिनेताओं और सिने प्रेमियों से जमकर प्रशंसा भी बटोरी थी। फिल्म के लिए लोकेशन पर अधिक ध्यान दिया गया है जिसकी वजह से दर्शक फिल्म से आसानी से कनेक्ट हो जाते है। फिल्म के कैमरा वर्क के साथ साथ डायलॉग्स को सही टाइमिंग पर भी डायरेक्टर ने काफी ध्यान दिया है और यही इस फिल्म की खूबी है।


सिनेमेटोग्राफी भी अच्छी है लेकिन डायरेक्टर अगर दूसरे भाग में फिल्म की लंबाई कम कर देते तो निश्चित ही दर्शकों को यह फिल्म और भी अधिक पसंद आ सकती थी।


फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो स्टोरी के बीच कुछ गाने बोरियत कराते है। फिल्म में स्वीटी तेरा ड्रामा, ट्विस्ट कमरिया जैसे कुछ अच्छे गीत है लेकिन इसके अतिरिक्त म्यूजिक के नाम पर फिल्म में कुछ नही है।

बरेली की बर्फी फिल्म वीडियो

        

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