बेफ़िक्रे फिल्म वॉलपेपर

बेफ़िक्रे सेलिब्रिटीज

Ranveer Singh , Vaani Kapoor


रणवीर-वाणी के बीच घिसा हुआ लेकिन एन्जॉय वाला अफेयर


बेफिक्रे फिल्म का शोर्ट रिव्यू



स्टार कास्ट : रणवीर सिंह, वाणी कपूर


डायरेक्टर : आदित्य चोपड़ा


बेफिक्रे फिल्म में क्या अच्छा है : बेफिक्रे एक प्रसन्नचित्त होकर देखने वाली मूवी है। इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में कई कमियां है उसके बावजूद यह दर्शको का मनोरंजन करती है।


बेफिक्रे फिल्म में क्या बुरा है : बेफिक्रे फिल्म के कई खामियां है और यह कई फिल्मो से प्रेरणा लेकर बनी एक रोमांटिक कॉमेडी है। फिल्म का स्टोरी और सेकंड हाफ लाचार है जिसका असर फिल्म पर पड़ता है।


फिल्म क्यों देखे : आदित्य चोपड़ा की 8 साल बाद 'बेफिक्रे' से वापसी ,पेरिस की ख़ूबसूरती ,किसिंग सीन और रणवीर-वाणी की केमिस्ट्री इस फिल्म को देखने की प्रमुख वजह है।


फिल्म क्यों नही देखे : 'बेफिक्रे युवा और रिश्तों में बेचैन रहने वाले लोगो की स्टोरी है। यह एक विशिष्ट रोमांटिक कॉमेडी है जिसमे घिसा पिटा रोमांस है। फिल्म के अधिकतर तर्क को खारिज किया जा सकता है।



बेफिक्रे फिल्म की पूरी समीक्षा :


बेफिक्रे फिल्म की पूरी कहानी : लबों का कारोबार गीत से इस फिल्म की स्टोरी आरंभ होती है। फिल्म की शुरुआत में ही दिल्ली का धरम (रणवीर सिंह) शायरा (वाणी कपूर) के साथ ब्रेकअप करता हुआ नजर आता है इसके बाद फिल्म की स्टोरी फ्लैशबैक और वर्तमान में चलती हुई नजर आती है। धरम पेरिस के एक क्लब में स्टैंड-अप कॉमेडियन है जबकि शायरा टूरिस्ट गाइड के अतिरिक्त अपने डैड के साथ होटल में काम करती है।

पेरिस में अपने पहले दौरे पर जब धरम शायरा से मिलता है तो वह उसकी इलेक्ट्रिकल एनर्जी ,केयरफ्री नेचर की तरफ आकर्षित हो जाता है और बिना वक्त गवाएं ही दोनों में रोमांस शुरू हो जाता है। जल्द ही दोनों का रिश्ता एक साल पूरा कर लेता है जिसके बाद भावुक होकर दोनों सिरियस रिलेशनशिप में ना पड़ जाएं इसलिए दोनों ब्रेकअप कर लेते है।


दोनों एक दूसरे से अलग होकर अपने लिए नए नए पार्टनर की तलाश कर लेते है लेकिन उन्हें एहसास होता है कि दोनों एक दूसरे को बेइंतिहा प्यार करते है अब दोनों की मुलाक़ात होती है या फिर दोनों बिना बिना कमिटमेंट के सिर्फ अच्छे दोस्त बन कर रहे जाते है यह जनाने के लिए ही आपको सिनेमाघर तक जाना है।

स्क्रिप्ट रिव्यू : आदित्य चोपड़ा ने बेफिक्रे के हॉट ट्रेलर के साथ इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी थी जिसके कारण फिल्म से जुड़ने वाले सभी दर्शको ने अधिक उम्मीदें बांध ली थी लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट अनगिनत किसिंग की दुकान ही साबित होती है।


आधुनिक दिन में रिश्तों की कैसी व्यथा है इसको दर्शाने की कोशिश की गयी है। कमिटमेंट स्वीकृति और प्यार की आस्था आज के दौर में अवधारणाओं के अनुवाद में खो रही है शायद यही इस फिल्म को बनाने का मूल उद्देश्य है। फिल्म की स्क्रिप्ट में धरम एक अत्यंत उथला व्यक्ति है जिसका उद्देश्य केवल स्कोर करने के रूप में सामने आता है। कई मौकों पर उनका बचकाना व्यवहार नजर आता है। आम तौर पर दिल्ली में जो एट्टीट्यूड होता है उसी तरह का जोश नजर नही आया है।


दूसरी तरफ शायरा जिसके माता पिता भारतीय है वह खुद को फ्रेंच बुलाया जाना अधिक पसंद करती है। वह उदार और खुले व्यवहार करने वाली लड़की है लेकिन उसका फ्रेंच को लेकर अधिक प्यार इस कूल व्यवहार को संदेह के घेरे में खड़ा करती है।

फिल्म का पहला भाग हल्का फुल्का है। पहले भाग में धरम और शायरा के अतीत और वर्तमान संबंधों को पेश किया गया है। पहले भाग में इम्तियाज अली की फिल्म का छोटा से हिस्सा महसूस होता है। फिल्म के दूसरे भाग की बात करें तो वह लॉजिक से फिसल गया है। फिल्म का क्लाइमेक्स विशेष रूप से अंत ठेठ वाईआरएफ रोमांस को वापिस पेश करता है।


चोपड़ा ने हमें आधुनिक दिन में नाजुक रिश्तों की एक तस्वीर पेश की है और इस रिश्ते को दिखाने के लिए उन्होंने पेरिस को चुना है। फिल्म को देखने के बाद आपको लव आज कल की स्क्रिप्ट की याद आ जाएगी।


फिल्म के डायलॉग की बात करें तो आपको लव का वेट ये दुनिया भी नही झेल सकती और प्यार बुंजी जंपिंग की तरह है के अतिरिक्त कई बोल्ड डायलॉग सुनने को भी मिलते है। फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट कई अन्य फिल्मों से उधार ली हुई लगती है जिसे पेरिस रोमांस के रूप में पैक करके दर्शको के सामने पेश किया गया है।

एक्टिंग प्रदर्शन : रणवीर सिंह एक ऐसे अभिनेता है जो स्क्रीन पर सबके साथ जम जाते है। बचकाना हरकत करते हुए बेधड़क दिल्ली अंदाज में वह सही लगे है। फिल्म के शुरुआत की बात करें तो उनका प्रदर्शन बेकार लग रहा था लेकिन फिल्म जैसे आगे बढती है हंसी और मनोरंजन करने में कामयाब हो जाते है। धरम के हर पहलू को रणवीर ने बहुत ही सरल और बेहतरीन अंदाज में दर्शको के सामने रखा है।


फिल्म की अभिनेत्री वाणी कपूर की एक्टिंग प्रदर्शन की बात करें तो उनको दर्शको को प्रभावित करने में कड़ी मेहनत की जरूरत है। दुर्भाग्य से इस फिल्म में उनके डायलॉग चेहरा औसत रहा है। वाणी के डांस ग्लैमरस अंदाज और फ्रेंच की तारीफ की जा सकती है।

डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : आदित्य चोपड़ा को बॉक्स ऑफिस पर रोमांस का जादू चलाने के लिए जाना जाता है। बेफिक्रे फिल्म के ट्रेलर के साथ हर किसी को लगा था यह फिल्म कुछ नयी और जबरजस्त रोमांस पैदा करेंगी लेकिन ऐसा कुछ इस फिल्म के साथ होता प्रतीत नही हो रहा। फिल्म का पहला भाग हॉलीवुड से प्रेरित लगता है तो फिल्म का दूसरा भाग भी प्रेरित ही नजर आता है।


डिजाइन और छायांकन प्रशंसा के योग्य हैं उन्होंने पेरिस को बहुत ही शानदार स्टाइल में पेश किया है। रणवीर और वाणी एफिल टावर के पास खड़े होते है लेकिन एक दुसरे के लिए अपनी भावनाओं को कबूल नहीं करते है ठीक इसी तरह से एफिल का एक और दृश्य जो प्रपोजल सीन होता है वह भी ऐसे ही चला जाता है।


फिल्म के बेहतरीन दृश्य की बात करें तो वह सीन अच्छा जब दूसरे भाग में धरम और शायरा सेक्सी रूंबा करते है। इस सीन में दोनों अद्भुत लगे है और डांस कला भी काफी अदभुत रही है। 2 घंटे 12 मिनट की इस फिल्म के दूसरे भाग को थोडा कट किया जा सकता है। ख़ास कर वेडिंग वाले सीन में कटाव करना बेहतर रहता।

फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो वह फिल्म रिलीज से पहले ही लोगो को पसंद आ गया था। नशे सी चढ़ गई गीत इस फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत है इस गीत के अतिरिक्त अन्य गीत भी दर्शक एक बार तो अवश्य ही सुन सकते है।


फिल्म को अधिक मनोरंजक बनाने के लिए फिल्म में बहुत कुछ जोड़ा जा सकता था लेकिन शायद आदित्य चोपड़ा को किसी युवा डायरेक्टर की सलाह से अधिक खुद पर विश्वास था।

बेफ़िक्रे फिल्म वीडियो

        

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