जग्गा जासूस फिल्म वॉलपेपर

जग्गा जासूस सेलिब्रिटीज

Ranbir Kapoor , Katrina Kaif , Govinda , Adah Sharma


कमजोर स्क्रिप्ट के बावजूद रणबीर की दमदार एक्टिंग जग्गा जासूस को बचा लेगी


जग्गा जासूस फिल्म का शोर्ट रिव्यू



स्टार कास्ट: रणबीर कपूर, कैटरीना कैफ ,शाश्वत चटर्जी सयानी गुप्ता, सौरभ शुक्ला, रजतवा दत्ता



डायरेक्टर :अनुराग बसु



जग्गा जासूस फिल्म में क्या अच्छा है : जग्गा जासूस फिल्म की स्टोरी थीम,परफॉरमेंस और म्यूजिक अच्छा है।




जग्गा जासूस फिल्म में क्या बुरा है :फिल्म बहुत अधिक लंबी है। इसके अतिरिक्त कहानी कहने का तरीका अलग लेकिन अधिक प्रभावित करने वाला नही है।



जग्गा जासूस फिल्म क्यों देखे
: कटरीना और रणबीर के ब्रेकअप के बाद शायद इन दोनों की आखिरी फिल्म हो इसके अतिरिक्त रणबीर कपूर की बेहतरीन एक्टिंग के लिए इस फिल्म को जरूर देखे।



जग्गा जासूस फिल्म क्यों ना देखे : 2 घंटे 40 मिनट की इस फिल्म को देखते हुए बीच में कुछ सीन ऐसे आते है जब आप बोर हो जाते है। इसके अतिरिक्त फिल्म इस फिल्म का अंत आपको निराश कर सकता है और आपको अनुराग बसु की फ़िल्में पसंद ना हो तो आप यह फिल्म ना ही देखे।


जग्गा जासूस की पूरी समीक्षा



जग्गा जासूस फिल्म की पूरी कहानी : जग्गा जासूस फिल्म की पूरी कहानी पिता-पुत्र प्रेम पर आधारित होने के साथ साथ इसमें इमोशन,रोमांस,मर्डर मिस्ट्री और अवैध जग्गा जासूस फिल्म की कहानी 1995 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में हवाई जहाज से अवैध हथियार गिराए जाने से होती है। इस समय श्रुति सेनगुप्ता फिल्म की नायिका कटरीना कैफ बच्चो को जग्गा जासूस के कॉमिक किताबों से उसके जासूसी किस्सों से दुनिया को जोड़ती दिखाई देती है।



श्रुति की मदद से हम जग्गा (रणबीर कपूर )की बचपन की दुनिया को जानतें है। जग्गा जो बचपन से अनाथ है और वह अस्पताल में बढ़ रहा होता तभी उसकी मुलाक़ात टूटी फूटी (शाश्वत चटर्जी) से होती है। वह पुरुलिया हथियार ड्रॉप मामले में महत्वपूर्ण गवाह है।



जग्गा ने बचपन में टूटी फूटी की जान ट्रेन से बचाता है जिसकी वजह से दोनों के बीच एक प्यारा सा रिश्ता बना जाता है और वह उसकी परवारिश बड़े प्यार से करता है। जग्गा जो बात करते हुए हकलाता है उसे उसके पिता सीख देते है कि वह अगर गीत की मदद से बात करें तो उसका हकलाना जाहिर नही होगा।



पिता-पुत्र के प्यार के रिश्ते के बीच बढ़ती कहानी में महत्पूर्ण टर्न तब आता है जब उसका पिता जग्गा को बोर्डिंग स्कूल में भर्ती करा कर खुद रहस्यमय तरीके से गायब हो जाता है। जग्गा अब अकेला है और उसके साथ पिता द्वारा बर्थडे पर भेजे हुए कुछ टेप है।



जग्गा अपने पिता प्रोफेसर बागची के सीक्रेट मिशन और लापता पिता की तलाश में लगा हुआ है जिसमें उसका साथ में जर्नलिस्ट श्रुति सेन गुप्ता देती जो खुद एक ख़ुफ़िया मिशन पर है। जग्गा अपने पिता की तलाश कर लेता है या नही और हथियार ड्रॉप करने वाले केस का क्या होता है यह सब जनने के लिए आपको सिनेमा घर तक जाना है।



जग्गा जासूस फिल्म का स्क्रिप्ट रिव्यू : अनुराग बसु ने पिता-पुत्र की कहानी को एक अनोखे और दिलचस्प कहानी को पिरो कर एक फिल्म बनाने का प्रयास किया है। इस कहानी में पिता पुत्र के सवांद को गीत के रूप में जाहिर किया गया है जो इमोशनल करने के साथ साथ फिल्म में काफी बेहतरीन लगता है।



इस स्क्रिप्ट में कैटरीना कैफ की भूमिका को इस तरह से पेश किया गया है कि दर्शक उलझन में ही रहते है कि वह जग्गा की दोस्त है या फिर बहन हैं। वह क्या है? यह आपको फिल्म देखने के बाद खुद पता चल जाएगा। एक और बड़ा भ्रम स्क्रिप्ट में स्थान को लेकर भी बना रहता है क्योकि स्क्रिप्ट मोयनागुरी से पुरुलिया और फिर मणिपुर लोकेशन पर आ जाती है बिलकुल पता ही नही चलता है।




फिल्म में केन्या के मोम्बासा और ब्राजील के मुम्बाका लोकेशन के साथ भी यही भ्रम पैदा होता है। फिल्म की स्क्रिप्ट शुरू-शुरू में तो काफी रोमांचक लगती है लेकिन जैसे-जैसे इसका विस्तार होता है फिल्म की स्क्रिप्ट बिखर जाती है।


स्टार परफॉरमेंस : बर्फी के बाद अनुराग बसु की इस फिल्म में लीड रोल अभिनेता रणबीर कपूर ने बेहतरीन एक्टिंग की है। यह पूरी तरह से रणबीर की एक्टिंग पर टिकी फिल्म है जिसमें उन्होंने दर्शकों को बिलकुल निराश नही किया है। इमोशनल सीन या फिर कॉमेडी की रणबीर ने चेहरे पर बेहतरीन भाव देकर साबित कर दिया है कि वह हर तरह के रोल को पुरे आत्मविश्वास के साथ निभा सकते है।



फिल्म की अभिनेत्री कटरीना कैफ स्कूल टीचर के रूप एक्टिंग करने का अच्छा प्रयास किया है और इस फिल्म में पर्सनल रिलेशनशिप के ब्रेकअप का असर इस फिल्म पर बिलकुल नही पड़ा है। रनबीर-कटरीना की केमिस्ट्री फिल्म में काफी अच्छी रही है।



प्रोफेसर बागची के रूप में ससवता चटर्जी की एक्टिंग उत्कृष्ट हैं, रजतवा पुलिस इंस्पेक्टर और सौरभ शुक्ला उनके प्रतिद्वंद्वी रोल में कमाल के लगे है। सयानी गुप्ता ने फिल्म में जरुरु अपनी एक्टिंग से दर्शकों को निराश किया है।



डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : अनुराग बसु इस फिल्म को 3-4 साल से बनाने में लगे है और फाइनली यह फिल्म बन कर रिलीज हो गयी है। अनुराग ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को एक अलग फिल्म देने का प्रयास किया है उन्होंने फिल्म में किरदारों के नाम को नए स्टाइल में पेश किया है।



डायरेक्टर अनुराग शुरुआत में तो जुड़ी हुई और काफी मजेदार लगती है लेकिन दूसरे भाग तक फिल्म फ़ैल जाती है और दर्शक अपना धैर्य खो कर खुद को थका हुआ महसूस करने लगते है,फिल्म की गति और लंबे-लंबे प्लॉट फिल्म को बोरिंग बनाते है।



डायरेक्टर अनुराग ने अपनी इस फिल्म को अलग तरीके से पेश करना का प्रयास किया है जिसमें वह काफी हद तक सफल भी होते दिखाई देते है। डायरेक्टर के कैमरा वर्क,सिनेमेटोग्राफी, आर्ट वर्क को जिस बेहतरीन तरीके से जोड़ा है उसकी जितनी तारीफ़ की जाएं वह कम है। एस रवि वर्मन कैमरे के साथ एक अच्छा काम किया है। फिल्म में वीएफएक्स तकनीक का अच्छा प्रयोग किया गया है लेकिन इसे और सुधार जा सकता था।


बसु ने इस फिल्म में शाश्वत चटर्जी,शुक्ला, रजतवा दत्ता जैसी उत्कृष्ट और अनुभवी अभिनेताओं अपने सेट चुना है। फिल्म में बसु ने इमोशन को बहुत अच्छे से शूट किया है और फिल्म के गीतों का डायलॉग में होना इस फिल्म के कुछ सीन को बहुत ही रोचक बना देता है।



गानों और कविताओं से सजी वार्ता वाली इस फिल्म के गीत संगीत काफी अच्छे है। उल्लू का पट्ठा, मुसाफिर, गलती से मिस्टेक गीत फिल्म रिलीज से पहले ही दर्शकों के पसंदीदा गीत बन चुके थे। खाना खाके रैप गीत भी सुनने लायक बन पड़ा है।



रणबीर कपूर इस फिल्म से पहली बार प्रोडूसर बनने जा रहे है। बेहतरीन गीत संगीत और दिलचस्प स्क्रिप्ट से सजी इस फिल्म से वह क्रिस्प करारा मजा गायब है जिसकी वजह से यह फिल्म बड़ी हिट शायद ही साबित हो।

जग्गा जासूस फिल्म वीडियो

        

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