जय गंगाजल फिल्म वॉलपेपर

जय गंगाजल सेलिब्रिटीज

Priyanka Chopra


प्रकाश झा एक्टिंग तो प्रियंका चोपड़ा बनी सख्त पुलिस अधिकारी रोल में चमकी


जय गंगाजल फिल्म का शोर्ट रिव्यू


स्टार कास्ट : प्रियंका चोपड़ा, प्रकाश झा, मानव कौल, राहुल भट्ट, निनाद कामत


डायरेक्टर : प्रकाश झा



जय गंगाजल फिल्म में क्या अच्छा है : प्रियंका चोपड़ा एक्शन में काफी अच्छी लगी है। उनके पंच और किक पर सिनेमाघरों में सीटियों की आवाज आने लगती है।


जय गंगाजल फिल्म में क्या बुरा है : कमजोर स्क्रिप्ट के साथ-साथ लोगो की उम्मीदों पर बिलकुल खरी नही उतरी। फिल्म का दूसरा भाग अनिवार्य होना चाहिए था लेकिन यह उतना प्रभावित नही कर सका है।


फिल्म क्यों देखें : जय गंगाजल में प्रियंका चोपड़ा का एक्शन अवतार प्रकाश झा जैसे बड़े डायरेक्टर का नाम शामिल है इसलिए फिल्म को एक बार देखा जा सकता है।


फिल्म क्यों ना देखें : अगर आप प्रियंका चोपड़ा या प्रकाश झा के बड़े फैन नही है तो आप इस फिल्म को छोड़ सकते है क्योकि इस फिल्म में स्पेशल कुछ खास नही है।



जय गंगाजल फिल्म की पूरी कहानी : बांकेपुर भारत के मध्य में एक शहर है जो भ्रष्टाचार, भूमि हथियाने, बलत्कार और किसानों की आत्महत्या से त्रस्त है। भोले नाथ सिंह (प्रकाश झा) जो एक बड़ा पुलिस अधिकारी है जिसने अपनी अंतरात्मा की आवाज और कर्तव्यों को बेचकर उस इलाके को भ्रष्ट और गुंडों का साम्राज्य बना दिया है। भोले नाथ सिंह बबलू पांडेय (मानव कौल) और उसके छोटे भाई डब्लू (निनाद कामत) का दाहिना हाथ है। बी एन सिंह लोक सेवक होने के बजाय भ्रष्टाचारी होने पर काफी खुश है लेकिन उसके दृष्टिकोण में परिवर्तन तब आता है जब आभा माथुर (प्रियंका चोपड़ा) डीएसपी के रूप में कार्यभार संभालती है।



हर कारोबार से लेकर चुनाव तक का मतलब बदमाशी बन चुके इलाके में भोले नाथ सिंह कानून और व्यवस्था लाने फिर से लाने का प्रयास करता है। कानून भूल चुके बांकेपुर में बी एन सिंह नेताओं द्वारा तबाह किया जाता है या फिर आभा माथुर के साथ मिल कर शांति लाने में सक्षम होता है यह जनानें के लिए आपको फिल्म देखनी है।



जय गंगाजल फिल्म का डायरेक्शन और स्क्रिप्ट समीक्षा : प्रकाश झा उत्तर प्रदेश और बिहार की धूल को अपनी फिल्मों में बहुत ही अच्छे तरीके से शामिल करते है। भागलपुर आंखफोड़ कांड पर बनी फिल्म गंगाजल जो बड़ी हिट फिल्म थी प्रकाश झा ने उसके सीक्वल के रूप में जय गंगाजल के रूप में पेश किया है।



जय गंगाजल फिल्म की स्क्रिप्ट में कुछ भी नया नही है। फिल्म में बस एक ग्लैमरस अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की उपस्थिति बहादुर महिला सिपाही को शामिल कर दर्शकों को सिनेमाघर तक लाने का प्रयास किया गया है।



जय गंगाजल फिल्म के सबसे दिलचस्प बात यह है कि डायरेक्टर ने कन्हैया का चरित्र राहुल भट्ट को निभाने के लिए दिया है। कन्हैया एक बाड़ी आईआईटी कंपनी में बहुत बड़ी सैलरी पर काम करता है और वह अपनी नौकरी का बलिदान लोगों का समाजिक नेता बनने के लिए कर देता है।



फिल्म की स्क्रिप्ट मुख्य रूप से भूमि हथियाने वाले नेताओं और उनसे जुड़े मुद्दे के आसपास घूमती है। फिल्म में छेड़छाड़ और आत्महत्या के रूप में अन्य मामलों को रखा गया है। फिल्म में आम आदमी से जुड़े सभी समाजिक मुद्दों को शामिल किया गया है जो बुरी राजनीति से प्रभावित है लेकिन फिल्म पहले भाग से ही उपर उठने में विफल रही है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा चुलबुल पांडे की तरह पुलिस वाले की भूमिका में प्रभाव पैदा करती है लेकिन उनमें अजय देवगन जैसे धैर्य का अभाव साफ़-साफ़ झलकता है।



वास्तव में इस फिल्म को एक यादगार फिल्म बनाया जा सकता था लेकिन मुश्किल से टकराने के मुद्दों से निपटने के बावजूद उम्मीद के मुताबिक साजिश नजर नही आई है। फिल्म के अंतिम दृश्य में एक लड़ाई वाले दृश्य को अधिक शक्तिशाली दिखाने की कोशिश में काफी भयानक बन गया है जो काफी मूर्खता भरा लगता है और आप उस पर हंस सकते हैं। फिल्म दूसरे हाफ में जबरजस्ती खिचती हुई नजर आती है। कुल मिलकर सीधे और सरल शब्दों में बात कही जायें तो वह यह है कि प्रकास झा के डायरेक्शन और स्क्रिप्ट इस बार बेहद कमजोर रही है।



एक्टिंग रिव्यू : जय गंगाजल फिल्म में अगर आप सोच रहे है कि मुख्य किरदार में प्रियंका चोपड़ा है तो फिल्म देखने के बाद आप गलत साबित होंगे। जय गंगाजल फिल्म पूरी तरह से प्रकाश झा की फिल्म है। बी एन सिंह रोल के साथ प्रकाश झा एक्टिंग करियर में डेब्यू किया है। प्रकाश झा प्रियंका चोपड़ा से अधिक स्क्रीन पर नजर आयें है और फिल्म का ताना बाना भी उनके इर्द गिर्द रखा गया है। प्रकाश झा काफी दृश्यों में प्रभावित करते है तो कई जगह उनका किरदार फिल्म पर अधिक बोझ लगता है।



मूवी में दूसरा अहम किरदार प्रियंका चोपड़ा का है। आभा माथुर के चरित्र को अधिक महत्वपूर्ण रूप से नही लिखा गया है फिर भी अपने रोल में प्रियंका ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है। सड़क के बीच में शानदार ढंग से एक्शन और कार्रवाई के दौरान गुंडों को खींचते हुए काफी बेहतरीन लगी है।


मानव कौल फिल्म में मुख्य खलनायक है और वह सत्ता के भूखे राजनेता के रूप में अपने किरदार को काफी अच्छे से निभाया है। राहुल भट्ट की फिल्म में एक विशेष भूमिका है और वह अपने रोल में ठीक लगे है। निनाद कामत भी इस फिल्म में नेगटिव रोल में है और वह अपने रोल में काफी साधारण लगे है।



जय गंगाजल फिल्म का म्यूजिक रिव्यू : जय गंगाजल एक समाजिक मुद्दे पर राजनीति से प्रेरित फिल्म है इसलिए फिल्म में गीतों का अधिक प्रभाव नही है लेकिन बैकराउंड का म्यूजिक अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर से प्रभावित लगता है।



फिल्म की अंतिम समीक्षा : जय गंगाजल फिल्म साजिश के लिहाज से एक खिलवाड़ है। कलाकारों के प्रदर्शन फिल्म में संतुलन स्थापित करने का प्रयास करते है लेकिन अधिक प्रभाव डालने में वह भी फेल हुए है।

जय गंगाजल फिल्म वीडियो

Comment Box

    User Opinion
    Your Name :
    E-mail :
    Comment :

Latest Movies Wallpapers