ओके जानू फिल्म वॉलपेपर

ओके जानू सेलिब्रिटीज

Aditya Roy Kapoor , Shraddha Kapoor


ओके जानू में कहानी ओके नही किसिंग और बेड सीन अच्छे

फिल्म : ओके जानू

डायरेक्टर : शाद अली

स्टार कास्ट : आदित्य रॉय कपूर, श्रद्धा कपूर, लीला सैमसन, नसीरुद्दीन शाह

फिल्म में क्या अच्छा है : सेक्स किसिंग सीन और आदित्य श्रद्धा की केमिस्ट्री

फिल्म में बुरा क्या है : फिल्म की स्टोरी और डायरेक्शन

फिल्म क्यों देखे : आशिकी 2 के बाद आदित्य और श्रद्धा की जोड़ी एक बार फिर से बनी है इन दोनो की केमिस्ट्री के लिए फिल्म को एक बार देखा जा सकता है।

फिल्म क्यों ना देखे : नोटबंदी के दौर में कमजोर कहानी की वजह से इस फिल्म को बेहिचक छोड़ा जा सकता है। इसके अतरिक्त दीपिका की हॉलीवुड फिल्म ट्रिपल एक्स भी रिलीज हो चुकी है।

ओके जानू फिल्म की पूरी समीक्षा

ओके जानू फिल्म की पूरी कहानी : कहानी का नायक आदि (आदित्य रॉय कपूर) जो वीडियो गेम बनाता और अमेरिका में बसने की आकांक्षा रखता है। आदि छोटे शहर में मौज मस्ती करने वाला और शादी में विश्वास नहीं करने वाला एक नौजवान लड़का है। स्टोरी की अभिनेत्री तारा (श्रद्धा कपूर) एक टूटे हुए घर की लड़की है जिसका विवाह की संस्था से विस्वास उठ चुका है। तारा आर्किटेक्ट की स्टडी कर रही है और उसका सपना है कि वह पेरिस जाएं।

आदि और तारा दोनों की मुलाक़ात मुंबई के रेलवे स्टेशन पर हो जाती है। समान स्वभाव से तुरन्त आकर्षित होकर दोनों शादी से दूर लिव इन रिलेशनशिप में रहने का फैसला करते है। दोनों गोपी (नसीरउद्दीन शाह) और उनकी पत्नी चारुलता (लीला सैमसन) के घर में रहने के लिए जा जाते है। दोनों साथ साथ में रहते हुए खूब मौज मस्ती करते है लेकिन अंत में प्यार में गिर जाते है अब आदि और तारा अपने करियर को चुनते है या फिर दोनों प्यार की राह पर निकलते है यही देखने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना है।

डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : मणि रत्नम की काधाल कणिमनी को हिंदी रिमेक ओके जानू के रूप में शाद आली पेश करने का प्रयास किया है। डायरेक्टर शाद आली को स्टारकास्ट बेहतरीन चुनने के लिए अंक मिलने चाहिए क्योकि इस फिल्म में आदित्य और श्रद्धा की जगह अगर नई जोड़ी को कास्ट करते तो फिल्म के 30 करोड़ के बजट को पूरा करना उनके लिए काफी मुश्किल हो जाता।

फिल्म की स्टोरी पुरानी है और फिल्म की बुरी हालत के लिए खलनायक कौन है इसकी तलाश कई स्तरों पर की जा सकती है। चुंबन और बिस्तर की केमिस्ट्री से आप बाहर निकल कर अगर कहानी में नएपन की तलाश करते है तो यकीनन निराश हो जाएंगे, निश्चित ही आदित्य और श्रद्धा की युवा जोड़ी स्वादिष्ट पकवान के हकदार थे लेकिन उनको बासी खाने से ही काम चलाना पड़ा है। फिल्म देखने पर कई सीन ऐसे लगते है जैसे बिना डायरेक्शन के ही फिल्म तैयार की गयी है। फिल्म के गीत संगीत की बात करें तो ए आर रहमान ने पुराने गीत हम्मा हम्मा को छोड़ दे तो ऐसा कोई गीत नही दिया है जिसे आप बाहर गुनगुना सके। इना सोना साजन आयो रे और बावड़ा गीत तो अच्छे है लेकिन दर्शक कब तक याद रखते है यह तो वक्त ही तय करेगा।

शाद अली के इस फिल्म के मुख्य खलनायकों में आप डायलाग को भी बता सकते है अगर फिल्म के डायलॉग अच्छे और उच्च होते तो काफी हद तक फिल्म को बचाया जा सकता था।

एक्टिंग रिव्यू : आदि के रूप में आदित्य रॉय कपूर काफी क्यूट लगे है। उन्होंने अपनी भूमिका में ओके ओके काम किया है लेकिन उनकी श्रद्धा के साथ की केमिस्ट्री की जितनी तारीफ़ करें उतनी कम है।

फिल्म की अभिनेत्री श्रद्धा की बात करें तो उनकी हॉटनेस और एक्टिंग ठीक रही है। फिल्म में इन दोनों मुख्य कलाकारों के अतरिक्त नसीरउद्दीन शाह काफी प्रभावशाली रहे है। लीला सैमसन भी अपनी भूमिका में ठीक रही है।

अगर आप आदित्य और श्रद्धा के प्रशंसक है तो आपको यह फिल्म अच्छी लग सकती है अन्यथा इस फिल्म के टीवी या केवल पर आने का इंतजार किया जा सकता है।

ओके जानू फिल्म वीडियो

     

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