फैंटम फिल्म वॉलपेपर

फैंटम सेलिब्रिटीज

Saif Ali Khan , Katrina Kaif


पाकिस्तान की जगह भारतीय दर्शको से बदला लेती फिल्म है फैंटम



कबीर खान ने भारत की जनता जो आतंकवाद को लेकर त्रस्त है उसके मनोभव दर्शने के लिए काल्पनिक कहानी का सहारा लिया है और जिसका नाम फैंटम है। पाकिस्तान और भारत के बीच में शांति और मधुर रिश्ते की कोशिश करती उनकी पिछली फिल्म 'बजरंगी भाईजान' से बिलकुल भिन्न है। कबीर खान ने इस बार पाकिस्तान से प्यार की जगह बदला लेने की वकालत कर रहे है। कबीर खान की फिल्म फैंटम काश यें फिल्म सच होती पाकिस्तान द्वारा 26/11 हमले के बाद भारत के बदले पर आधारित एक जेम्स बांड टाइप फिल्म है शायद इसलिए उनकी इस फिल्म को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया है।









फैंटम फिल्म की पूरी कहानी : फिल्म की पूरी कहानी मिशन पर निकले एक रॉ एजेंट की दनियाल खान (सैफ अली खान) की पर टिकी है जिसमे उसकी मदद नवाज मिस्त्री (कैटरीना कैफ) करती है। दनियाल खान आर्मी से निकला एक जाबांज दिलेर और जैसे को तैसा स्वभाव वाला ऑफिसर है जिसे रॉ ने पाकिस्तान की आतंकी गतिविधयों और 26/11 के हमले से तंग आकर चुना है। रॉ 26/11 के मुख्य आरोपी हाफिज साईद की पाकिस्तान में मारने का ख़ुफ़िया प्लान बनाता है जिसे दनियाल खान बड़ी चालाकी से युद्ध में राहत देने वाली संस्था एमएसएफ़़ की अधिकारी नवाज मिस्त्री की मदद से अंजाम देता है और फिल्म की कहानी मिशन पूरा होने के साथ ही पूरी हो जाती है।





डायरेक्शन : कबीर खान भारत के लोगो की इच्छा का ख्याल करते हुए काल्पनिक कहानी पर आधारित फैंटम फिल्म का निर्देशन करते हुए एक्शन सीन और स्टारकास्ट के मेकअप का भी काफी ख्याल रखा है। युद्ध में होने वाले विस्फोट, पाकिस्तान की लोकेशन और हाफिज साईद का किरदार निभाने वाले कलाकार का गेटअप देखकर फिल्म की कहानी रियल जैसी प्रतीत होती है।





कबीर खान की इस एजेंट वाली फैंटम फिल्म की कहानी अगर अच्छी और थोड़ी तेज होती तो फिल्म को दर्शको को यह फिल्म जरुर रोमांचित करती जो फ़िलहाल नही कर पा रही है। फैंटम फिल्म का पहला आधा भाग पूरी तरह नीरस है जो फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है। फिल्म देखते हुए दर्शकों को ऐसा लगता है जैसे फिल्म दूसरे भाग से शुरू हुई है।





डायरेक्टर कबीर खान से पहले मिशन पर आधारित बेबी और मद्राश कैफे जैसी अच्छी फिल्मे बॉलीवुड में है जिसके आगे फैंटम कही नजर नही आती है। कबीर खान की इस फैंटम फिल्म को देख कर लगता है उन्होंने एक रॉ एजेंट के एक महत्वपूर्ण मिशन को प्यार रोमांस में लपेट कर साधारण रूप से पेश कर दिया है।





एक्टिंग : फैंटम फिल्म की पूरी कहानी सैफ अली खान के ऊपर निर्भर करती थी पर वह दर्शको के सामने वैसे नजर नही आयें जैसे लोगो की अपेक्षा थी। सैफ अली खान ने डायलॉग्स काफी अच्छे से बोले है पर सच कहें तो उनके मुंह से एजेंट वाले डायलॉग्स उतने प्रभावित नही करते है और दर्शक तो फिल्म में उनके लीड चुनाव पर भी सवाल खड़े कर सकते है। एजेंट विनोद की तरह ही सैफ अली खान एक बार एजेंट के रूप में फेल साबित हुए है।





सैफ अली खान के बाद फिल्म में दूसरा अहम रोल कटरीना का है पर फिल्म में उनके पास रोमांस और हल्के एक्शन सीन अलावा करने को कुछ खास नही था। फिल्म में उनके जितने भी दृश्य है उन्हें सिर्फ ठीक ठाक कहा जा सकता है। फिल्म में इन दोनों कलाकारों के अलावा जीशान अयूब अपने रोल में काफी बेहतर लगे है।





फैंटम का गीत संगीत : फिल्म में अधिक गीतों को नही डाला गया है जो एक मिशन वाली फिल्म के लिए अच्छी बात है। फिल्म में सबसे पोपुलर गीत अफगान जलेबी है जिसे कुछ दिनों तक सुना जा सकता है। इसके अतिरिक्त एक "सवारें" गीत अरिजीत सिंह की आवाज में है जिसे ठीक कहा जा सकता है। फैंटम फिल्म का संगीत प्रीतम ने दिया है।



फैंटम फिल्म को क्यों देखें : साजिद नाडियाडवाला और कबीर खान की इस जुगलबंदी वाली फिल्म फैंटम फिल्म देखने की वजह सिर्फ एक वजह यें है कि छुट्टी के दिनों में इस फिल्म के विपरीत कोई बड़ी फिल्म सिनेमाघरों में नही है।



क्यों ना देखें : अगर आपको अपने मेहनत से कमायें हुए पैसों से प्यार है तो आप यें फिल्म हरगिज ना देखें।







फैंटम फिल्म वीडियो

        

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