पिकू फिल्म वॉलपेपर

पिकू सेलिब्रिटीज

Amitabh Bachchan , Deepika Padukone , Irrfan Khan


अगर आप लम्बे समय से अपने परिवार के साथ एक अच्छी फिल्म देखने का प्लान बना रहे है और आपको अपना प्लान सिर्फ इस वजह से बदलना पड़ रहा है कि बॉलीवुड फ़िल्में अब परिवारिक नही रह गयी है और आप अपने परिवार के साथ सिनेमा हाल तक सिर्फ इस वजह से नही पहुच पाए है कि काफी समय से बॉलीवुड में सिंपल और अच्छी फिल्म रिलीज नही हुई है तो पिकू एक ऐसी फिल्म है जो बॉलीवुड से उपजी आपकी ये सारी शिकयातें दूर कर सकती है। हमारा कहने का अभिप्राय ये है कि पिकू वो अच्छी कॉमेडी फिल्म है जिसका लुत्फ़ आप समूचे परिवार के साथ सिनेमाघरों में उठा सकते है।





फिल्म की कहानी : शूजित सरकार द्वारा निर्देशित फिल्म पिकू की कहानी जूही चतुर्वेदी ने विकी डोनर की तर्ज पर ही इस फिल्म की कहानी का लेखन भी बिलकुल अलग अंदाज में ही किया है। जूही चतुर्वेदी की पिकू कहानी बॉलीवुड में नए जमाने की कहानी को व्यावसायिक सिनेमा में स्थापित करने की प्रक्रिया की शुरुआत कर रही है। पिकू फिल्म की कहानी कुछ इस प्रकार है।





फिल्म बाबा भास्कर बनर्जी (अमिताभ बच्चन) और उसकी बेटी पिकू (दीपिका पादुकोण) के प्यार की एक प्यारी कहानी है। बाबा भास्कर 70 वर्षीय एक वृद्ध आदमी है जो स्वभाव से सनकी और कब्ज से ग्रस्त है और वह नाश्ते और डिनर के टेबल पर कब्ज के विषय में चर्चा करने पर काफी आनंदित होता है। पिकू उसकी बेटी इतनी सारी खामियों के बावजूद भी अपने पिता से काफी प्यार करती है और वह कामकाजी होते हुए भी पिता के साथ ही चितरंजन पार्क में ही रहती है। पिकू अपना पूरा जीवन अपने बाबा की सेवा में ही देना चाहती है इसलिए वह पिता की देखभाल के बारे में अधिक चिंतित रहती है। अमिताभ बच्चन की पॉटी पर हास्य व्यंग बंगाली शैली में चलते हुए फिल्म में राजा चौधरी (इरफान खान) की एंट्री होती है। राजा चौधरी हिमाचल स्टैंड का मालिक है। पीकू परिवार के साथ राजा चौधरी की मुलाकात तब होती है जब पिकू परिवार को कोलकाता जाने के लिए दिल्ली से एक सड़क यात्रा करने का फैसला करती हैं और स्थानीय कार किराए पर लेने के लिए राजा चौधरी के सम्पर्क में आती है। राजा चौधरी का कोई भी ड्राईवर इस यात्रा पर जाने के लिए तैयार नही होता है तो फिर मजबूरन राजा खुद ड्राइव कर पिकू परिवार को दिल्ली से कोलकाता की यात्रा पर ले जाता है। फिल्म के तीन मुख्य पात्रों की कहानी इस यात्रा से आरंभ होती है और हंसी के रूप में रुलाते तथा भावनात्मक रहस्योद्घाटन करते हुए इस यात्रा पर खत्म हो जाती है।





पिकू फिल्म रिव्यू: शूजित सरकार की पिकू फिल्म बच्चे,बूढ़े और जवान सभी वर्गो के लोगो को पसंद आयेंगी। पिता और बेटी के बीच सौहार्द स्थापित करने पर सारे दांव दिखाती फिल्म पिकू का विषय काफी कठिन था पर डायरेक्टर शूजित सरकार ने इस फिल्म को बड़े ही अच्छे ढंग से फिल्माया है। डायरेक्टर शूजित सरकार ने कहानी को आगे ले जाने और जोड़ा रखने का काम बखूबी किया है। शूजित सरकार को पिछली फिल्मों विक्की डोनर और मद्रास कैफे के बाद इस बार भी बेहतरीन पेशकश के लिए आलोचकों की प्रशंसा प्राप्त करने की पूरी उम्मीद है। फिल्म की पटकथा और आम सवांद भी स्क्रीन पर काफी जबरजस्त नजर आते है।





पिकू फिल्म में एक्टिंग : अमिताभ बच्चन और इरफ़ान खान बॉलीवुड के दो ऐसे कलाकार है जिनकी एक्टिंग का सिर्फ बखान किया जा सकता है उन पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नही की जा सकती है। सदी के महानायक ने 70 साल के बंगाली बाबा भास्कर को पर्दें पर जीवित कर दिया है उनके इस एक्टिंग से नये कलाकार काफी कुछ सीख सकते है। अमिताभ के बंगाली लहजे, उनके फनी व्यवहार, उनके असभ्य आचरण को परदे पर बार-बार देखने का मन करता है।





निर्देशक इस बात को अच्छी तरह से जानते है कि इरफ़ान खान बॉलीवुड के अच्छे अभिनेताओं में से एक है इसलिए डायरेक्टर ने उनका बेहतर उपयोग किया है। आशिक इरफ़ान खान के सवांद भी काफी अच्छे है। फिल्म में कई जगह तो उनकी एक्टिंग टाइमिंग की वजह से दर्शक डायलॉग सुन कर लोट-पोट हो जाते है। इरफ़ान खान ने अपनी अन्य फिल्मों की तरह एक संजीदा इंसान का रोल निभाया है पर प्यार में पड़ जाने की वजह से पारिवारिक मूल्य का ज्ञान करता उनका ये चरित्र उनकी सभी फिल्मों से हटकर लगता है।





बोल्ड हॉट और सेक्सी दीपिका पादुकोण की बात करें तो उन्होंने इस फिल्म से बता दिया है कि क्यों उन्हें बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों के साथ रखा जाता है। पिकू के रूप में दीपिका के इस प्रदर्शन को उनका अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कहा जा सकता है। दीपिका ने फिल्म में मेकअप से रहित आ कर बेहतर एक्टिंग की है। दीपिका ने शुरू से लेकर अंत तक अपने हर सीन में अपनी एक्टिंग से जान डाल दी है और उन्होंने फिल्म हिट कराने में अपनी तरफ से कोई कसर नही छोड़ी है।


फिल्म में इन तीनों कलाकारों के अलावा फिल्म के डॉक्टर रघुबीर यादव, मौसी चटर्जी ने अपने छोटे सीन में भी बेहतर अदाकारी का नमूना पेश किया है।





फिल्म क्यों देखें :
शूजित सरकार फिल्म में बॉलीवुड के सबसे अच्छे और बड़े कलाकार दीपिका, इरफान और अमिताभ बच्चन का चुनाव किया है जो आपको सिनेमाघर तक जाने के लिए मजबूर करते है। इसके अलावा फिल्म की कहानी आम जिदंगी या अपने आस-पास घटित कहानी की तरह लगती है फिल्म के संवाद कॉमेडी और आकर्षक हैं जो आपको चेहरे पर हंसी के साथ-साथ भावुक भाव में लाते है। फिल्म एक बेटी और पिता के प्यार भावनाओं पर है जो फिल्म की सबसे अच्छी बात है।


फिल्म की ना देखने की नकारात्मक वजह : वैसे तो फिल्म ना देखने की कोई बड़ी वजह नही है। फिल्म पूरी पैसा वसूल है पर शूजित सरकार फिल्म को यथार्थवादी बनाने के प्रयास में कई बातों का खुलासा दर्शक की उम्मीद के मुताबिक ही होता है और फिल्म की गति भी कई जगह पर जा कर काफी धीमी हो जाती है। इसके अलावा जो दर्शक दीपिका की हॉटनेस और बोल्डनेस अवतार में देखना ही पसंद करते है वो भी दीपिका के बारे में सेक्सी सोच लेकर सिनेमा ना जाएँ।


कुल मिलाकर बात करें तो काफी समय बाद हॉट सीन का सहारा लिए बिना पारिवारिक मनोरंजन करती एक अच्छी कॉमेडी फिल्म आई है जो एक सरल और मजेदार है।


पिकू फिल्म वीडियो

        

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