राब्ता फिल्म वॉलपेपर

राब्ता सेलिब्रिटीज

Sushant Singh Rajput , Kriti Sanon


विचित्र पुनर्जन्म वाली एक भ्रमित लव स्टोरी है राबता फिल्म

राबता फिल्म का शोर्ट रिव्यू

स्टार कास्ट : सुशांत सिंह राजपूत, कृति सैनन , जिम सरभ, राजकुमार राव, वरुण शर्मा और निधि सुब्बैया

डायरेक्टर : दिनेश विजयन

राबता फिल्म में क्या अच्छा है : सुशांत सिंह राजपूत और कृति सैनन की जोड़ी पहली बार स्क्रीन पर आई है और दोनों ने पहली बार में ही बेहतरीन केमिस्ट्री दिखाई है। फिल्म का संगीत काफी अच्छा है।



राबता फिल्म में क्या बुरा है : फिल्म की स्क्रिप्ट ऊबाऊ है इसके अतरिक्त फिल्म में 300 साल पुराने दृश्य फिल्म में ज्यादा मायने नही रखते है। दुर्भाग्य से हम ना फिल्म के वर्तमान का आनंद ले पाते है और ना ही अतीत का आनंद ले पाते है।

फिल्म क्यों देखे : कल्पना मनोरंजन वाली इस फिल्म को आप सिर्फ सुशांत और कृति की केमिस्ट्री के लिए देख सकते है।



फिल्म क्यों नही देखे : इस फिल्म को देखने और सहन करने के लिए आपको पुनर्जन्म का संकल्प लेना होगा।

राबता फिल्म की पूरी समीक्षा :

फिल्म की कहानी पंजाब से शुरू होती है, शर्टलेस शिव (सुशांत सिंह राजपूत) गुरूद्वारा में पानी से निकलते हुए नजर आते है और यही से फिल्म की कहानी शुरू होती है। शिव कक्कर का पूरा परिवार उसे एअरपोर्ट पर विदा करने के लिए उपस्थित होता है क्योकि उसकी बुडापेस्ट के बैंक में नौकरी लग गयी है। शिव का किरदार कुछ कुछ आपको बेफिक्रे के धर्म की याद जरुर दिला देगा।



फ्लर्ट करने में माहिर यह पंजाबी लड़का एक चॉकलेट स्टोर पर सायरा सिंह (कृति सैनन) से टकरा जाता है कुवारा जवान हतास लड़का तुरन्त उसके प्यार में गिर जाता है और उसके बाद दोनों डेटिंग करने लगते है। स्टोर की मुलाक़ात से दोनों बेडरूम तक पहुंचते है और यह मजाकिया डेटिंग सच्चे प्यार में बदलने लगती है।

अभी दोनों प्यार में ही होते है कि कहानी में तीसरे पहिया में प्रवेश करती है जहाँ जैक/जाकिर मर्चेंट (जिम सरभ) की एंट्री हो जाती है। जैक शराब व्यापारी है और सायरा के हुस्न से ग्रस्त है। यह बहुत समृद्ध विलेन उसकी अस्वीकृति को संभाल नही पाता है इसलिए उसका अपहरण कर एक द्वीप पर ले जाता है।



जल्द ही सायरा को अहसास होने लगता है कि उसका और शिव का प्यार जन्म जन्मांतर का है। फिर वहाँ सपने और भविष्यवाणियों का खेल शुरू हो जाता है। अतीत के योद्धा बहादुर का राजकुमारी के प्यार में गिरना और फिर उनके उनके भाग्य का धोखा देना। राजा, रानी के प्यार लड़ाई, फ्लैशबैक और वर्तमान की लव स्टोरी के बीच होते हुए कहानी अपने अंजाम तक पहुंचती है जहाँ जन्म-जन्मांतर के अमर प्रेम के जीत होती है बस आपको सिनेमाघर दो प्रेमियों के मिलने के संघर्ष को देखने जाना है।

स्क्रिप्ट रिव्यू : फिल्म की कहानी पर साउथ की फिल्म मगधधरा की कहानी की कॉपी बताया जा रहा था लेकिन लेखर सिद्धार्थ-गरिमा ने उससे हटकर कहानी लिखी है। पुर्नजन्म फिल्म की कहानी कंफ्यूज अधिक करती है क्योकि अभी रोमांस और घटनाएं शुरू होती है तभी कहानी फ़्लैशबैक में चली जाती है और तो और फिल्म में बोलचाल के लिए जिस भाषा को चुना गया है उसे दर्शक बड़े प्रयासों का बाद ही समझ आता है।



फिल्म के तीनों लीड कलाकार पुरातन लगते हैं और उसमें राजकुमार राव की एंट्री फिल्म को पुरातन काल में ले जाती है। स्क्रिप्ट में सायरा के माता पिता एक कार दुर्घटना में मारे जाते है फ़्लैशबैक में उसके पास दुखी होने के लिए यही एक पृष्ठभूमि होती है। दो अजनबी विदेश में मिलते है और सूर्योदय से पहले रोमांस में इतने पूर्ण जाते है जैसे वह बरसों से एक दूसरे को जानतें हो।

शिव और सायरा के बीच रोमांस को सर्वश्रेष्ठ बनाया गया है लेकिन रोमांटिक क्षणों का आनंद पूरा नही हो पता तभी व्यर्थ में सिंहासन की संभावना के रूप में स्क्रिप्ट बदलने लगती है। नायक लट में है और वह एक चतुर और वीर योद्धाओं में से एक है। नायिका की भी वेशभूषा और बाल बदल कर रॉयल हो जाते है। ब्रेडिंग से सजे सुशांत हंसमुख फ्लर्ट बाज से बदल कर तनाव, क्रोध और कार्यवाहक हो जाता है वास्तव में, कल्पना मनोरंजन स्क्रिप्ट के अंत तक आते आते बिखरने लगती है।



एक्टिंग रिव्यू : सुशांत सिंह राजपूत अपने दोनों रोल में पूरी तरह से फिट लगे है। अपने दृश्यों में से अधिकांश को अधिक से अधिक का संकेत दिया है कि वह एक्शन और रोमांस दोनों के लिए बॉलीवुड के एक फिट अभिनेता है। बात उनके सिक्स पैक एब्स, एक्शन की हो या फिर चॉकलेट बॉय बन कर रोमांस करने की हो और कृति के साथ हर सीन में काफी बेहतरीन लगे है।



कृति सैनन अपनी लुक और एक्टिंग से एक बार फिर प्रभावित किया है। वह अपने अदांज से दर्शकों पर अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब रही है। फिल्म में उनकी सुशांत के साथ केमिस्ट्री फिल्म का सबसे दर्शनीय भाग है। जिम सरभ अविश्वसनीय रूप से दर्शकों को प्रभावित करते है। स्क्रिप्ट में उनका रोल अच्छा नही लिखा गया था लेकिन वह एक लड़की भीगी भागी सी गाते हुए अविस्मरणीय लगते है। जिम सरभ ने इस फिल्म को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है।



राजकुमार राव जैसे कलाकार को मेक-अप के प्रभाव में बर्बाद कर दिया गया है। वह इससे कही बेहतर कर सकते थे अगर उनके रोल को अधिक चांस दिया गया होता।

रुण शर्मा और निधि सुब्बैया सहायक कलाकार के रूप में ठीक ठाक एक्टिंग करते है। दीपिका पादुकोण ने फिल्म में एक आइटम गीत किया है और वह इस गीत में अपने ग्लैमर अंदाज से आकर्षित करने में कामयाब रही है।



डायरेक्शन और संगीत रिव्यू : दिनेश विजयन इस फिल्म से डायरेक्शन के क्षेत्र में डेब्यू कर रहे है। विजयन खुद को दूरदर्शी डायरेक्टर मानते है फिर भी उन्होंने अतीत पुनर्जन्म की कहानी से डेब्यू करना ठीक समझा है। फिल्म में उनके द्वारा रखे गए युद्द सीन हॉलीवुड से बहुत प्रेरित लगते है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा के साथ एक रोमन कहानी का प्रयोग लग रही थी।



फिल्म का पहला भाग दुसरे भाग से बिल्कुल अलग है, फिल्म के पहले भाग में जहाँ रोमांस है वही दूसरे भाग में योद्धा की कहानी पर भरोषा किया है। फिल्म का बजट लगभग 55 करोड़ का है और डायरेक्टर ने 2 घंटे और 38 मिनट की इस फिल्म का क्लाइमेक्स सीन दमदार हो सकता था लेकिन वह इससे चूक गए इसके अतरिक्त फिल्म की घटनाएं भी बड़ी अजीब लगती है और दर्शक उनसे कनेक्ट नही पाते है उदाहरण के तौर पर बुडापेस्ट के स्टोर से कहानी टापू पर और भी समुंद्र में चली जाती है और दर्शक इसकी वजह से कही कही कंफ्यूज हो जाते है।



फिल्म के संगीत की बात करें तो वह फिल्म रिलीज होने से पहले ही हिट हो गया था। फिल्म का गीत इक वारी और राबता बार बार दोहरा कर सुनने लायक गीत है।



कुल मिलाकर कहा जाए तो राबता एक ऐसी भ्रमित लव एक्शन फिल्म है जिसे विदेश में सजाया गया है।

राब्ता फिल्म वीडियो

        

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