रईस फिल्म वॉलपेपर

रईस

रईस सेलिब्रिटीज

Shahrukh Khan , Nawazuddin Siddiqui , Mahira Khan , Farhan Akhtar , Sunny Leone


शाहरुख खान-नवाजुद्दीन सिद्दीकी की दमदार जुगलबंदी है रईस

रईस फिल्म का शोर्ट रिव्यू



स्टार कास्ट : शाहरुख खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, माहिर खान, जीशान अय्यूब

डायरेक्टर : राहुल ढोलकिया

फिल्म में क्या अच्छा है : रईस रोमांस, एक्शन और ड्रामा से भरा एक फुल बॉक्स है जो जैसे जैसे खुलता है वैसे वैसे आपकी मनोरंजन इच्छा बढती जाती है।

क्या बुरा है : अगर आप फिल्म की स्टोरी को वास्तविकता से कनेक्ट करते हैं तो आपके सामने झूठा नायक खड़ा नजर आता है।

फिल्म क्यों देखे : रईस वन टाइम वाच मूवी है इसके अतरिक्त नवाज इस फिल्म का अधिकतर आकर्षण चुरा लेते है इसलिए भी इस फिल्म को एक बार देखा जा सकता है।

रईस फिल्म की पूरी समीक्षा

रईस फिल्म की पूरी काहानी : 2 घंटे 22 मिनट वाली इस फिल्म की कहानी 80 के दशक वाले गुजराती दौर में फतेहपुर से चलती है। रईस (शाहरुख खान) एक होनहार बच्चा है जो शुरू के स्कूल जाने वाले दिनों में ड्राई स्टेट गुजरात में शराब तस्करी का काम सीखता है। लोकप्रिय शराब तस्कर (अतुल कुलकर्णी) के नीचे काम सीख कर वह जल्द ही अपना बिज़नेस शुरू करने का फैसला करता है।



अपना व्यवसाय की शुरुआत वह कोई "धंधा छोटा नही होता और धंधे से बड़ा कोई धर्म नही होता जिससे किसी का बुरा ना हो" नियम से शुरू करता है। बैटरी का टेढ़ा दिमाग कमाल करता है और वह जल्द ही सफल होते हुए वह बड़ी लीग में शामिल होता है। रईस की बढ़ती सफलता को पकड़ने का काम सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ़ पुलिस जयदीप अंबालाल मजमुदार (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) अपने सिर पर लेता है।

बस यही से दोनों के बीच बिल्ली और चूहे का खेल शुरू हो जाता है। रईस 'स्ट्रीट स्मार्ट तरीके और राजनीतिक नेटवर्क का उपयोग कर पुलिस जयदीप से कई बार बचने में कामयाब हो जाता है। इस आपराधिक-कानूनी खेल में मजमुदार कामयाब होता है या फिर रईस सुधर जाता है बस यही देखने आपको अपने नजदीकी सिनेमाघर तक जाना है।



रईस की स्क्रिप्ट रिव्यू : फिल्म की शुरुआत में ही डिस्क्लेमर में ही बताया जाता है कि यह फिल्म किसी के जीवन पर आधारित नही है जो एकदम सही है। निश्चित ही सेंसर बोर्ड भी इस डिस्क्लेमर में सहमत होगा क्योकि अगर यह वास्तविक जीवन पर आधारित होती तो यह एक ऐसी फिल्म होती जिसमें खलनायक जश्न मनाता है।

फिल्म के पहले भाग में रईस 'चरित्र को बचपन से होते हुए युवा बनाने तक चला जाता है। स्क्रिप्ट ने रईस के बनिए दिमाग को धीरे धीरे रोबिनहुड के छवि में उतारने का प्रयास किया है जिसमें वह पूर्ण कामयाब हुई है। शाहरुख खान को एक बार फिर से गैंगस्टर के रूप में देखना दर्शको के लिए काफी रोमांचक रहा है रईस की स्क्रिप्ट की सबसे महत्वपूर्ण तत्व यह है कि इसमें रोमांस और एक्शन काफी दमदार है और इन्ही तत्वों को बॉलीवुड दर्शक हमेशा से पसंद करते आए है।

फिल्म के डायलॉग दीवार फिल्म स्टाइल में है और स्क्रिप्ट का हर डायलॉग सिनेमाघरों में लोगो को सीटी बजाने को प्रेरित करता है। मै धर्म का धंधा नही करता और बैटरी नही बोलनेका विशेष रूप से दर्शकों को अधिक पसंद आएगा। फिल्म का एक अन्य डायलॉग आ रहा हु मैं अर्थ पूरी तरह से फिल्म के अनुरूप है और यह लोगो की जुबान पर अधिक समय तक रहने की उम्मीद है।



स्क्रिप्ट तब अधिक रोमांचक लगती है जब जयदीप मजुमदार किरदार की एंट्री होती है। फिल्म इसके बाद पूर्ण रूप में अपने शीर्ष पर आ जाती है लेकिन स्क्रिप्ट के दूसरे भाग अंत की तरफ जाते हुए थोड़ी सुस्त हो जाती है क्योकि यह सिमित सी लगती है लेकिन अधिकतर दर्शको को इसका अहसास नही होता है।

एक्टिंग रिव्यू : शाहरुख खान रईस के रूप में ड्रीमी लगे है। उनकी आँखों में काजल काफी अच्छा लगता है। क्रोध वाले सभी सीन्स में वह काफी कमाल के लगे है। दिलवाले और हैप्पी न्यू इयर फिल्म की तुलना में उनकी यह भूमिका काफी दमदार लगी है और उनकी एक्टिंग की तारीफ़ किए बिना आप नही रह पाएंगे। प्रशंसकों को इस फिल्म में शाहरुख खान बड़े विजेता लगे होंगे।  



बात अगर फिल्म की एक्ट्रेस माहिरा खान की करें तो दुर्भाग्य से वह कुछ खास नही कर सके है। फिल्म के कुछ सीन्स में वह उचित भाव नही प्रकट कर सकी है इसमें को संदेह नही कि उनके स्थान पर किसी भी बॉलीवुड अभिनेत्री को रख लिया जाता तो वह इस भूमिका को काफी अच्छे से कर लेती। नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक ऐसे एक्टर है जो हर सीन्स को काफी मनोरंजक बना देते है।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस फिल्म में कई स्थानों पर शाहरुख के सामने भी आकर्षण चुराने में कामयाब हो जाते है। नवाजुद्दीन की वजह से इस फिल्म का एंटरटेनमेंट दोगुना हो जाता है। जीशान अय्यूब एक अच्छे अभिनेता है फिल्म में उन्होंने दोस्त के रूप में काफी अच्छा काम किया है। अतुल कुलकर्णी, शीबा चड्ढा, उदय टिकेकर ने इस फिल्म को अपनी भूमिका से अच्छा समर्थन दिया है।

सनी लियोन अपने आइटम नंबर लैला मै लैला के रूप में हॉटनेस का तड़का लगाने में कामयाब रही है।



डायरेक्शन और म्यूजिक रिव्यू : राहुल ढोलकिया की रईस को पिछले साल से रिलीज करने की वजह से सुर्ख़ियों में थे और आखिर में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अंजाम के लिए पहुँच गयी है। डायरेक्टर के लिए शाहरुख खान को लेना इस फिल्म के लिए और उसके बिज़नेस के लिए काफी सुरक्षित रहा है। 80 के दशक की फिल्म दिखाने में डायरेक्टर का पूर्ण कब्जा रहा है। फिल्म की डिजाइन टीम ने अच्छा काम किया है।

शाहरुख की ड्रेस से लेकर उनके मेकअप तक की मेहनत साफ़ नजर आती है। निश्चित ही शाहरुख का सेक्सी लुक लोगो के दिमाग में उतर जाता है। एक मनोरंजन फिल्म के लिए जो जो चाहिए ढोलकिया ने उन सभी आवश्यक सभी तत्वों का संगम अच्छे से किया है। डायरेक्टर सबसे पहले शाहरुख को एक बेहतरीन गोल्ड दिल के साथ खलनायक बनाते है उसके बाद धीरे धीरे शाहरुख टाइप रोमांस की ओर ले जाते हुए धीमी गति से अंत में एक नाटकीय उच्च मोड़ दे देते है।

फिल्म का वीएफएक्स थोडा घटिया लगा है। स्पाइडर मैन की तरह चढने और कुछ एक्शन ओवर हो गए है उनको और बेहतर से कोरियोग्राफ किया जा सकता था।



फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक की बात करें तो वह उतने बेहतरीन नही रहे है। फिल्म के गीत कहानी को झटका ही देते है। इसके अतरिक्त डायरेक्टर अगर फिल्म को 2 घंटे में पूर्ण कर देते तो संभव फिल्म का एंटरटेनमेंट कई गुणा बढ़ सकता था।

आपको फिल्म कैसी लगी है अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरुर शेयर करें।

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