रुस्तम फिल्म वॉलपेपर

रुस्तम सेलिब्रिटीज

Akshay Kumar , Ileana D Cruz , Esha Gupta , Sachin Khedekar, Pavan Malhotra, Parmeet Sethi, Arjan Bajwa, Kanwaljit Singh, Brijendra Kala


कमजोर कंटेंट के बावजूद अक्षय ने संभाली रुस्तम


स्टार कास्ट: अक्षय कुमार, इलियाना डी'क्रूज़ ईशा गुप्ता


डायरेक्टर : टीनू सुरेश देसाई


फिल्म में अच्छा क्या है : अक्षय कुमार नौसेना वर्दी में है और यह फिल्म इतनी मनोरंजक है की आपको सीट पर हल्का झुकने भी नही देती है।


फिल्म में क्या बुरा है : फिल्म में रुस्तम का चरित्र काफी दिव्य लगता है। फिल्म की स्क्रिप्ट भी काफी लंबी है अगर इसको थोडा छोटा किया जाता तो स्क्रिप्ट का कसाव और अधिक होता।


फिल्म क्यों देखें : अगर आप नानावटी हत्या मामले और कानूनी दांव पेच के रोमांच को देखना चाहते है तो यह फिल्म बिलकुल आपके लिए है।


फिल्म क्यों ना देखें :अगर आपको थ्रिलर और बायोपिक फ़िल्में पसंद नही है तो यह फिल्म आपके लिए नही है।



रुस्तम फिल्म की पूरी कहानी : रुस्तम पावरी (अक्षय कुमार) भारतीय नौसेना का एक कमांडर है। वह एक जश्न मनाने वाला धुरंधर स्वभाव का ऑफिसर है। फिल्म 50 के दशक विस्फोटक मामले के आधार पर एक चेतवानी के साथ शुरू होती है। फिल्म निर्माताओं ने शुरू में एक चेतावनी जारी करते हुए जानकारी दी है कि यह एक बायोपिक केवल केस का काल्पनिक प्रतिनिधित्व कर रही है।

अपने काम को खत्म करके रुस्तम अपनी पत्नी सिंथिया (इलियाना डी क्रूज) से मिलने के लिए जैसे ही घर आता है उसे अपनी बीबी के लोकप्रिय कार डीलर विक्रम मखीजा (अर्जन बाजवा) के अफेयर का पता चलता है। पत्नी की बेवफाई से नाराज रुस्तम 3 गोली शॉट्स के साथ विक्रम को मार देता है। मर्डर करने के बाद अपने अपराध के लिए समर्पण कर देता है।


समपर्ण के बाद फिल्म की कहानी मुड़ती है जब अदालत में रुस्तम को दोषी करने का वक्त आता है। वह दोषी है या नहीं क्या सच है क्या झूठ है ,यह जनाने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना है।


स्क्रिप्ट रिव्यू : इस फिल्म की स्क्रिप्ट स्पेशल 26 और ए वेडनेस्डे के कोण की तरह ही है। इस फिल्म की कहानी में ट्विस्ट को बहुत ही अच्छी तरह से तैयार किया गया है। यह फिल्म की कहानी रसदार अखबार प्रसंग से भरी है। कहानी का मूल एक्सट्रामैरिटल अफेयर और मर्डर मिस्ट्री है।

स्क्रिप्ट के सभी पक्ष पात्रों को काफी अधिक अच्छी तरह से लिखा गया है। फिल्म के डायलॉग्स उस समय के हिसाब से लिखे गए है जो एक हद तक तो ठीक है लेकिन वह इतने प्रभावी नही है। फिल्म के अदालत नाटकीय दृश्य भी अच्छे है। स्क्रिप्ट का सबसे कमजोर बात यह रही है की घरेलू विवाद को देशभक्ति में रंगने का प्रयास किया गया है जो कुछ हजम से नही होता है।


फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत ही निराशाजनक रहा है। टीवी सीरियल की तरह अदालती नाटक खींचता जाता है जो दर्शकों को बोरिंग महसूस होता है।


स्टार प्रदर्शन : रुस्तम बने अक्षय कुमार के उपर वर्दी में बहुत ही सुंदर लगती है। लगातार देश भक्ति फिल्म करने की वजह से उनके चेहरे पर देशभक्ति भाव साफ़ नजर आता है। अदालत दृश्यों में मोम की प्रतिमा की तरह खड़ने के सीन हो या सीधे-सामना भाव और रुख पेश करने की बात हो वह हर सीन में काफी प्रभावी रहा है। अक्षय ने बड़ी मजबूती से एक्टिंग करते हुए फिल्म को बाँधने का पूरा प्रयास करते है।


फिल्म अभिनेत्री, इलियाना डी'क्रूज़ की बात करें तो वह इस फिल्म में एक गुड़िया की तरह नजर आई है। फिल्म में वह रुस्तम की धोखेबाज पत्नी के रूप में है और इस रोल को उन्होंने अच्छे से निभाया है। बेहतरीन ड्रेसिंग ,अच्छे हेयरस्टाइल और सही जगह पर आँसू उनके रोल को काफी दमदार बनाते है।

ईशा गुप्ता फिल्म का बुरा चेहरा है जो अपने छोटे-छोटे कपड़ों से सीड्यूस करती रहती है। फिल्म में उनके पास करने के लिए कुछ खास नही था पर अपने रोल को वो और अच्छे से निभा सकती थी। सचिन खेडेकर, ऊषा नडकरनी और पवन मल्होत्रा ने अपने रोल को बहुत ही शानदार तरीके से निभाया है। सचिन खेडेकर अदालत वाले सीन में काफी प्रभावी दिखे है। विक्रम मखीजा के रूप में अर्जन बाजवा थोड़े फीके नजर आयें है।


डायरेक्शन रिव्यू : टीनू सुरेश देसाई इस फिल्म से पहले 1920 : लन्दन कर चुके है। रुस्तम जैसी फिल्म के साथ वह फिर बॉक्स ऑफिस पर आ रहे है यह न्यूज़ काफी आश्चर्य से भरी हुई थी। फिल्म को फार्मूलाबद्ध रहस्ययी हत्या मनोभाव से पेश किया गया है। फिल्म का पहले भाग को बहुत ही बेहतरीन ढंग से रचा गया है। मूवी में इंट्रोगेशन रूम के सीन को काफी शानदार ढंग से पेश किया गया है। फिल्म का रोमांच बहुत उच्च स्तर से शुरू होता है लेकिन फिल्म का दूसरा भाग उतना रोमांचित नही कर सका है। फिल्म का दूसरा भाग दर्शकों को निराश कर देता है।

फिल्म के डायलॉग्स पर डायरेक्शन साहब काफी काम कर सकते थे। अदालत में अक्षय और वकील के बीच बहस को और भी रोमांचक बनाया जा सकता था। फिल्म के गाने भी मध्य में आकर थ्रिल को कमजोर कर देते है। फिल्म में गुस्सा, झुंझलाहट और पत्नी को माफ़ करने का सीन डायरेक्टर उतनी अच्छी तरह से नही फिल्मा सके है जितने अच्छे अक्षय की फिल्मों में वर्तमान समय में होते है।


संगीत : आतिफ असलम और अरिजीत सिंह के गाएं गीतों को निकाल दें तो फिल्म के बाकी गीत साधारण है। तेरे संग यारा और देखा हजारो दफा गीत गुनगुनाने वाले है।

रुस्तम फिल्म वीडियो

        

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