सुल्तान फिल्म वॉलपेपर

सुल्तान सेलिब्रिटीज

Salman Khan , Anushka Sharma , Randeep Hooda , Amit Sadh


मनोरंजन मूल्य पर खरी उतरती है सुल्तान


सुल्तान फिल्म शोर्ट रिव्यू


मुख्य स्टार कास्ट: सलमान खान, अनुष्का शर्मा, रणदीप हुड्डा और अमित साध


डायरेक्टर: अली अब्बास जफर


सुल्तान फिल्म में क्या अच्छा है
: सुल्तान इमोशन,एक्शन,लव और बॉलीवुड के बड़े एंटरटेनमेंट सलमान खान का अच्छा मिश्रण है। सुल्तान वैसे तो मूल रूप से एक लव स्टोरी फिल्म है लेकिन इसमें कुश्ती कोट का प्रयोग बहुत ही अच्छे तरीके से किया गया है।


फिल्म में क्या बुरा : सुल्तान फिल्म में वही बुरा है जो अधिकतर बॉलीवुड स्पोर्ट्स फिल्म में होता है। सुल्तान वैसे तो कुश्ती पर आधारित फिल्म है लेकिन बॉलीवुड की यह स्पोर्ट्स फिल्म भी प्रेम कोण से दूर नही रह सकी। कुश्ती पर ध्यान केंद्रित होने पर लव सीन आते रहने से कुश्ती खेल प्रेमियों को निराशा होने लगती है।

फिल्म क्यों देखें : सलमान खान की अन्य फिल्मों की तरह यह भी एक अच्छी ड्रामा एंटरटेनिंग कमर्शियल फिल्म है और छुट्टियों के इस सीजन में इस फिल्म को बेहिचक देखा जा सकता है।


फिल्म क्यों ना देखें : अगर आप कुश्ती के खिलाडी है और इस खेल को गंभीरता से लेते है तो इस फिल्म प्रेम कोण आपको काफी परेशान कर सकता है।


सुल्तान फिल्म की पूरी समीक्षा : केबल का कारोबार चलाने वाला सुल्तान खान (सलमान खान) अपनी उम्र में थोडा अपरिपक्व है लेकिन किसी की पहली नजर उसका जीवन बदल देती है।


हरियाणा के प्रसिद्ध महिला पहलवान आर्फा (अनुष्का शर्मा) से मिलने के बाद सुल्तान को उससे प्यार हो जाता है। सुल्तान आर्फा को पटाने के लिए किताब में हर चाल को उपयोग में लाता है लेकिन बार-बार फेल होने के बाद उसे जल्द ही समझ आ जाता है की आर्फा ऐसे पहलवान से शादी करेंगी जो राज्य स्तर पर कुश्ती में हिस्सा लें जो बाद में सुल्तान के जीवन का लक्ष्य बन जाता है।

सुल्तान अपने आप को उसके योग्य बनाने के लिए ट्रेनिंग लेना शुरू कर देता है जिसके बाद वह खुद की नजरों में भी फक्र महसूस करने लगता है। शारीरिक के साथ-साथ मानसिक ताकत के साथ सुल्तान इतिहास बनाने की ओर चल पड़ता है और वह इतिहास रचते हुए ओलंपिक में जीत भी जाता है। सुल्तान आर्फा से शादी करता है लेकिन जीवन की सबसे कठिन लड़ाई का होना बाकी था।


सुल्तान कामयाबी के बाद अहंकार का शिकार हो जाता है क्या उसका अहंकार अर्फा के साथ उसकी शादी बर्बाद हो जाती है। उसके उदय के बाद गिरावट और फिर सुल्तान का उदय देखना का असली मजा सिनेमाघर में ही आता है।


सुल्तान फिल्म की स्क्रिप्ट रिव्यू
: सुल्तान फिल्म की स्क्रिप्ट के पहले भाग में रोमांस ज्यादा है लेकिन आपको यह रोमांस ठेठ बॉलीवुड की बजाय एक अलौकिक अनुभव रूप में डाला गया है। फिल्म में हरियाणा की बोली और उच्चारण का स्टाइल स्क्रिप्ट के असली विजेता है जो सलमान के लहजे पर बिलकुल भी बुरे नही लगते है। सलमान पहलवान चित्रण दृश्यों में बहुत उत्साहित लगते है और सुल्तान अली खान के पहलवानी रूप को देखने के लिए दर्शकों को सिनमाघर तक खींचे चले आते है।

स्क्रिप्ट में अनुष्का शर्मा का प्रवेश उनका अंदाज काफी अच्छा रखा गया है। आत्मविश्वास और अहंकार के बीच की लड़ाई हरियाणवी लहजे में रची इस स्क्रिप्ट में संवाद सलमान के व्यक्तित्व को देख कर लिखे गए है जिसे देख कर दर्शक सीटियां और ताली बजाने पर मजबूर कर देते है।


सुल्तान फिल्म का दूसरा भाग में भावनात्मक नाटक थोड़ा अनावश्यक लगता है लेकिन वाईआरएफ फिलमों में इतना भावनात्मक ड्रामा आम बात है वैसे प्रशिक्षण दृश्यों, मिश्रित मार्शल आर्ट और उपद्रवी सलमान को एक अन्य अवतार में देखना दर्शकों को लिए उत्त्साहजनक था।


स्टार प्रदर्शन : निश्चित रूप से सलमान खान ने एक पहलवानी बॉडी प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की है और इसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए। 50 साल की उम्र में सलमान कुश्ती,डांस और रोमांस करते देखना निश्चित ही दर्शको के लिए खुशी की बात होगी और दर्शकों ने अपने इस भाव को सीटियों और तालियों से जाहिर भी किया है। सलमान सुल्तान के रोल को बड़े चतुरता से परदे पर उतआरा है इसलिए इस भूमिका में लोगो ने भी उनको काफी पसंद किया है। अनुष्का शर्मा इस फिल्म में सुल्तान के चरित्र को मजबूत समर्थन देते है और उनका प्रदर्शन सलमान के होने के बाद भी तारीफें हो रही है और सलमान के साथ उनकी केमिस्ट्री आश्चर्यजनक रही है।


अमित साध और रणदीप हुड्डा की फिल्म में कैमियो भूमिका है और दोनों ने अपनी अपनी भूमिका में काफी फिट रहे है।


सुल्तान फिल्म का डायरेक्शन और संगीत रिव्यू : सलमान खान के प्रशंसकों को जो चाहिए वह सब डायरेक्टर अली अब्बास जफर इस फिल्म के जरिए पेश किया है। जफर ने अपने लेंस से भारत के छोटे शहरों में जो अखाड़े की भावना छुपी है उस पर कब्जा कर लिया है। हरियाणा की भाषा और गालियों पर इस तरीके से पेश किया गया है की लोग बड़ी आसानी से फिल्मों से जुड़ जाते है। फिल्म के फाइटिंग दृश्यों को काफी अच्छे से शूट किया गया है देखने में दृश्य काफी रोमांचक और जोश्वर्धक लगते है।

फिल्म के दूसरे भाग को खींचा हुआ प्रतीत होता है इसके अतिरिक्त मार्शल आर्ट टूर्नामेंट डायरेक्टर की डायरेक्शन की कमजोर कड़ी की तरफ इशारा करता है क्योकि इसको और भी अच्छे से फिल्माया जा सकता था इसके आलावा फिल्म के क्लाईमैक्स पर थोडा काम करने की जरूरत महसूस होती है। मेरे ब्रदर की दुल्हन और गुंडे के बाद उनके निर्देशक ने निश्चित ही एक ऊचाई हासिल की है।


संगीत : सलमान खान की फिल्मों का म्यूजिक अच्छा ही रहता है जो इस फिल्म पर लागू हुआ है। सुल्तान फिल्म के सभी गीत कहानी के लिहाज से अच्छे है। बेबी को बेस पसंद है और जग घूमेया गीत पहले ही टॉप लिस्ट में शामिल हो चुके है। 440 बोल्ट और टाइटल गीत सुल्तान भी अच्छा बन पड़ा है जो कानों को सुनने में काफी अच्छे लगते है इसके अतिरिक्त गीत फिल्म की स्क्रिप्ट पर आधारित है।


डायलॉग : सुल्तान फिल्म में डायलॉग का अहम योगदान है रानी लक्ष्मी बाई की याद दिला दी. बाहर से मॉडर्न, अंदर से देसी. , मारे यहां डिवोर्स नहीं होते हैं, लड़ाई होती है, झगड़ा होता है, लुगाइयां पैदा ही लड़ने के लिए होती हैं, ये बॉर्न फाइटर्स होती हैं जैसे कुछ बेहतरीन रोमांचक डायलॉग है तो वही हरियाणवी भूमि को ध्यान रख मैं बंदा ही रेयर हूं , मैंने पहलवानी जरूर छोड़ी है पर लड़ना नहीं भूला हूं , मेरे अब्बा कहते हैं, किसान और पहलवान में एक ही चीज एक जैसी होवे, वो है मिट्टी और ये जो गुरूर है, क्या कहते हैं अंग्रेजी में एरोगेंस'ये एरोगेंस नहीं कॉन्फिडेंस है जैसे दमदार डायलॉग भी रखे गये है जो दर्शकों को काफी समय तक याद रहंगे।


सुल्तान फिल्म में कोई स्पोर्ट्स ड्रामा नही सरासर सलमान खान स्टाइल ड्रामा है जो अपने मनोरंजन मूल्य पर खरी उतरती है।






सुल्तान फिल्म वीडियो

        

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